जिले के 264 ईट भट्ठा संचालकों पर 2.04 करोड़ विनियमन शुल्क बकाया विभाग कर सकता है कार्रवाई

शासन द्वारा ईट भट्ठा संचालकों द्वारा रॉयल्टी के साथ अतिरिक्त 20 फीसद शुल्क समाप्त कर दिया गया। 20 फीसद का लाभ तो मिला, लेकिन अब निर्धारित विनियमन शुल्क जमा नहीं किया गया।

By: Devesh Singh

Published: 29 Mar 2019, 05:51 PM IST

रिपोर्ट:-रणविजय सिंह

आजमगढ़। शासन द्वारा ईट भट्ठा संचालकों द्वारा रॉयल्टी के साथ अतिरिक्त 20 फीसद शुल्क समाप्त कर दिया गया। 20 फीसद का लाभ तो मिला, लेकिन अब निर्धारित विनियमन शुल्क जमा नहीं किया गया। एक दिन के अंदर यदि निर्धारित विनियमन शुल्क जमा नहीं किया गया तो संबंधित ईट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
खनन विभाग के खान अधिकारी विनीत सिंह ने बताया कि भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा फरवरी माह की समीक्षा की गई। इसमें जिले के 264 ईट भट्ठा संचालकों पर भट्ठा सत्र 2018-19 का दो करोड़, चार लाख, 70 हजार रुपये विनियमन शुल्क अवशेष हैं। संबंधित बकाएदारों को राजस्व जमा करने की सूचना दी गई, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बताया कि जिले में कुल 501 ईट भट्ठा संचालित होते हैं जिन पर कुल दो करोड़, 30 लाख, 50 हजार रुपये देय था जिसमें 237 संचालकों ने बकाया राशि जमा कर दी है, जबकि शेष ने इसे संज्ञान नहीं लिया। खान अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में ईट भट्ठा संचालक के जिला महामंत्री रमाकांत सिंह से भी बात हुई है। उनकी तरफ से भी सभी बकाएदारों से बकाया विनियमन शुल्क जमा करने के लिए कहा गया है अन्यथा उसके जिम्मेदार वे खुद होंगे।

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