एसिड एटैक का शिकार हो चुकी इस महिला ने कहा, महिलाओं में देश बदलने की ताकत

अबला नहीं सबला हो गयी है देश की महिलाएं

हमारी प्रेरणा-हमारा साहस कार्यक्रम में बोली उत्तराखंड वूमेन पावर एंपावरमेंट की ब्रांड अम्बेसडर कविता विष्ट डरे नहीं दिखाये साहस

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. नारी समाज को बदल सकती है। नारी अब अबला नहीं रही सबला हो गई हैं। महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है। उन्हें अब अपनी हर बात साझा करनी चाहिए, किसी भी बात को छुपाना नहीं चाहिए। बच्चियों को गुड टच बैड टच के साथ ही मासिक धर्म की बातों को भी अपने अभिभावकों से शेयर करनी चाहिए। उक्त बातें उत्तराखंड वूमेन पावर एंपावरमेंट की ब्रांड अम्बेसडर कविता विष्ट ने राहुल प्रेक्षागृह में आयोजित हमारी प्रेरणा-हमारा साहस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को न तो डरने की जरूरत है और ना ही किसी बात को छिपाने की। बल्कि उन्हें अपनी हर बात अपनों से साझा करने की जरूरत है। अब वक्त है कदम से कदम मिलाकर चलने का। हम जबतक खुद को निर्बल समझेंगे समाज हमारा फायदा उठाता रहेगा। इसलिए हमें सशक्त होना होगा। सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ना होगा उसका विरोध करना होगा।

माधुरी सिंह ने कहा की महिलाएं समाज का अहम हिस्सा है। उन्हें सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए। राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी ने कहा कि राज्य महिला आयोग महिलाओं की हर समस्याओं को बखूबी संज्ञान में लेता है। उनके सम्मान व सुरक्षा की पूरी कोशिश करता है। महिलाओं के साथ हुए किसी भी अन्याय में न्याय दिलाने की कोशिश करता है।

डॉ. शारदा सिंह ने कहा कि की महिलाएं अब समाज में व्याप्त कुरीतियों के साथ-साथ समाज को बदलने में सक्षम हो गई हैं। वह शिक्षा व रोजगार के साथ खुद को जोड़ कर सभी को जागरूक कर रही है।

इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अग्रसेन महिला महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डा. शारदा सिंह, माधुरी सिंह, इंद्राशनि मिश्रा व कविता विष्ट ने दीप प्रज्वलन कर किया। सभी अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम की संयोजक विजयलक्ष्मी मिश्रा ने अंगवस्त्रम व बुके भेंटकर किया।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली डॉ. लीना मिश्रा, संतोष सिंह, विभा गोयल, गार्गी शुक्ला आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनामिका सिंह पालीवाल, अमित लता सिंह, संध्या सिंह, पूनम शर्मा, अनीता द्विवेदी, ममता मौर्या, अंशु अस्थाना, मीरा अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल, बबीता जसरसिया आदि का योगदान रहा। संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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