मौत के बाद जागा विभाग, जहरीली, शराब पर नियंत्रण के लिए छापेमारी शुरू

जिले में दस टीमों का किया गया गठन, जांच के लिए भेजे जाएंगे शराब के सेंपल

पूर्व में आजमगढ़ में जहरीली शराब से हो चुकी है बड़ी वारदातें, सैकड़ों गंवा चुके हैं जान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. जब भी जहरीली शराब से बड़ी वारदात होती है आबकारी विभाग जाग जाता है। प्रयागराज में जहरीली शराब से मौत के बाद एक बार फिर विभाग की नींद टूटी है और उसने अवैध रूप से बेची जा रही शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया है। छापेमारी के लिए दस टीमों का गठन किया गया है। पहले दिन टीमों ने देशी व विदेशी शराब की दुकानों पर छापेेमारी कर नमूने एकत्र किए। सभी नमूनें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे है। विभाग का दावा है कि यह अभियान निरंतर चलेगा और सभी दुकानों की जांच की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति देखने को मिल रही है।

बता दें कि शासन के निर्देश पर अवैध व मिलावटी शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया है। सहायक आबकारी आयुक्त एसपी चैधरी व जिला आबकारी अधिकारी अनूप कुमार शर्मा के देखरेख में छापेमारी के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं। गठित की गई टीम में सदर तहसील के आबकारी इंस्पेक्टर विजय कुमार, लालगंज तहसील के इंस्पेक्टर इंद्रजीत कुमार, फूलपुर तहसील के इंस्पेक्टर मनोज कुमार, निजामाबाद तहसील के इंस्पेक्टर रमेश कुमार, सगड़ी तहसील के इंस्पेक्टर सुशील कुमार, बूढ़नपुर तहसील के इंस्पेक्टर आरपी सिंह, मेंहनगर तहसील के इंस्पेक्टर रोहित कुमार को प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा इन टीमों के साथ एसएसएफ प्रवर्तन की एक-एक टीम लगायी गयी है।

सहायक आबकारी आयुक्त एसपी चैधरी ने बताया कि टीमों द्वारा छापेमारी शुरू कर दी गयी है। देशी व विदेशी शराब की दुकानों पर पहुंच कर स्टॉक रजिस्टर से मिलान कर शराब को चेक किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने सभी दुकानों से नमूने लेकर उसे जांच के लिए गोरखपुर स्थित आबकारी क्षेत्र प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि देशी- विदेशी के अलावा जिले के दो मॉडल शॉप और दो बार रेस्टोरेंट मे भी चेकिंग की गई है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। मिलावटी शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि जिले में अपमिश्रित शराब की बिक्री कोई नई बात नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी खुलेआम बिक्री होती है। मुबारकपुर क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से पूर्व में 48 लोगों को मौत हो चुकी है। इसी तरह रौनापार क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 28 व ठेकमा क्षेत्र में 11 लोग मौत का ग्रास बन चुके है। छिटपुट मौत तो यहां आम बात है लेकिन शराब माफियाओं का वर्चश्व विभाग अब तक नहीं तोड़ पाया है।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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