मुलायम के आजमगढ़ में 42 करोड़ के घोटाले पर सख्‍त हुए आयुक्‍त, एफआईआर दर्ज कराकर रिकवरी का आदेश

जिला सहकारी बैंक में छात्रवृत्ति का 42 करोड़ रूपये के गबन मामले में मण्डलायुक्त के रविन्द्र नायक ने कड़ा रूख अपनाते हुए

By: ज्योति मिनी

Published: 23 Aug 2017, 12:43 PM IST

आजमगढ़. जिला सहकारी बैंक में छात्रवृत्ति का 42 करोड़ रूपये के गबन मामले में मण्डलायुक्त के रविन्द्र नायक ने कड़ा रूख अपनाते हुए एफआईआर दर्ज कराने तथा आरसी जारी कर वसूली करने का निर्देश दिया। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

 

मण्डलीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि, यह गम्भीर मामला है और इसमें सख्त कार्यवाही करें। जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने बताया कि इस मामले में 2008 में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। मण्डलायुक्त ने सहायक निदेशक, बेसिक को निर्देश दिया कि फर्जी प्रमाण-पत्र के अधार पर नियुक्त लगभग 100 अध्यापक के विरूद्ध कार्यवाही करें, उनका वेतन रोंके, एक एफआईआर भी दर्ज कराये। इसके अलावा अन्य अध्यापकों की भी जांच करायें। उन्होनं कहा कि स्कूल की परिसम्पत्तियों का रजिस्टर तैयार करायें।

 

 

उन्होंने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया कि धन निकालने के बावजूद मौके पर काम न कराने वाले ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायें। आरसी जारी कर धन वसूली करायें। जिलाधिकारी, आजमगढ़ ने बताया कि जिले में ऐसी एफआईआर दर्ज हुई है और धन जमा हुआ है।

 

मण्डलायुक्त ने पीडब्लूडी विभाग को निर्देश दिया है कि, वह सड़क का निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण चिन्हित करें। रोड साइड कन्ट्रोल एक्ट कड़ाई से लागू करें। उन्होंने कहा कि, सरकारी कॉलोनी में रह रहें अधिकारियों का आवास भत्ता न मिले तथा उसका मेन्टेनेन्स राशि अवश्य जमा करें। इसी प्रकार अन्य सरकारी विभाग भी देख लें कि उनकी भूमि पर अवैध कब्जा न हों। यदि हों तो जिलाधिकारी को सूचित करें।

 

मण्डलायुक्त ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि, बाढ़ उतरते ही बीमारी फैलने की आशंका रहती है। तीनों जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी सतर्क रहें तथा नियमित रूप से बाढ़ क्षेत्र में जाकर चिकित्सा सुविधा प्रदान करते रहे। उन्होने कहा कि अनावश्यक दवायें न खरीदी जायें।

 

अनटाइड फण्ड उपलब्ध रहते हुए भी गांव में साफ-सफाई न हो पा रही है। यह अपराधिक मामला होता है। इसमें ग्राम प्रधान तथा एएनएम दोनों जिम्मेदार माने जायेंगे और कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि उप स्वास्थ्य केन्द्र को अपग्रेड करने की कार्यवाही धीमी चल रही है। बेसिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण का काम नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद भी विभाग छात्र-छात्राओं का क्या इलाज हुआ, इसका कोई रिकार्ड नहीं हैं। उन्होंने सहायक निदेशक, बेसिक को निर्देश दिया कि परीक्षण में अस्वस्थ्य पाये गये छात्र-छात्राओं का कम्प्यूटराज्ड डाटा तैयार करें।

 

 

मण्डलायुक्त ने महिला हेल्प लाइन 181 का प्रचार-प्रसार करने का सभी को निर्देश दिया है। जनपद आजमगढ़ में 31 शिकायतें महिलाओं द्वारा दर्ज करायी गयी, जिसमें 16 का निस्तारण किया गया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना में शत-प्रतिशत सत्यापन किये जाने पर सन्तोष व्यक्त किया।

 

सहायक आयुक्त ने बताया कि 65000 अपात्र पाये गये जिनका नाम ग्राम सूची से हटाने का काम चल रहा है। राज्य पोषण मिशन योजना के अन्तर्गत यूनिसेफ प्रतिनिधि ने बताया कि मार्च,2017 से हाट कुक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नहीं दिया जा रहा है। पोषाहार भी जुलाई से दिया जा रहा है। जनपद आजमगढ़ में 82 गांव को 41 अधिकारियों ने गोद लिया है। बेसिक स्कूलों में यूनिफार्म एवं पाठ्य पुस्तक के वितरण में विलम्ब होने पर आयुक्त महोदय ने असन्तोष व्यक्त किया। जनपद मऊ में अच्छा कार्य हुआ। जनपद आजमगढ़ एवं बलिया में तेजी लाने के लिये उन्होंने सहायक निदेशक बेसिक को निर्देश दिया है।      

 

बैठक का संचालन संयुक्त विकास आयुक्त, श्री हीरा लाल ने किया, इसमें जिलाधिकारी  चन्द्रभूषण सिंह, उप निदेशक (अर्थ एवं संख्या) राजा राम यादव, मुख्य विकास अधिकारी, अभिषेक सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य एंव विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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