वन महोत्सव: जिले में लगाए जाएंगे 201 प्रजाति के औषधीय पौधे

जिले को हराभरा करने के साथ ही इसे औषधि का भंडार बनाने की भी कवायद शुरू हो गयी है। वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत इस बार औषधीय गुण वाले 201 प्रजाति के पौधे रोपित किये जाएंगे। इसका उद्देश्य औषधीय खेती को बढ़ावा देना है।

By: Mahendra Pratap

Published: 22 Jun 2020, 10:47 AM IST

आजमगढ़. जिले को हराभरा करने के साथ ही इसे औषधि का भंडार बनाने की भी कवायद शुरू हो गयी है। वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत इस बार औषधीय गुण वाले 201 प्रजाति के पौधे रोपित किये जाएंगे। इसका उद्देश्य औषधीय खेती को बढ़ावा देना है।

वन विभाग ने औषधीय पौधों को सुरक्षित रखने की रूपरेखा भी तैयार कर ली है। 304 स्थलों को पौधारोपण के लिए चिन्हित किया है। इसमें से पांच हेक्टेयर के एक स्थान को औषधीय पौध लगाने की रणनीति बनाई है। पांच हेक्टेयर भूमि ऐसी होगी, जिसकी मिट्टी उपजाऊ हो। सुरक्षा के लिए चारो तरफ कटीले तारों से घेरेबंदी की जाएगी। देखरेख के लिए एक व्यक्ति को रखा जाएगा।

बता दें कि वन महोत्सव का एक से सात जुलाई के बीच मनाया जायेगा। इन सभी प्रजातियों के दस-दस पौधे लगाए जाएंगे। इन प्रजातियों पर विभाग का विशेष ध्यान रहेगा। इसमें से न तो किसी को सूखने दिया जाएगा और न ही जानवरों का निवाला बनने दिया जाएगा।

प्रभागीय वानिकी निदेशक अयोध्या प्रसाद ने बताया कि औषधीय पौधो में अगस्त, काला शीशम, केला, पपीता, कुलचा, चिलबिल, चीकू, अमरूद, आम, इमली, आंवला, कैथा, करौंदा, जंगल जलेबी, कट जामुन, अंजीर, जामुन, नीबू, बेर, बेल, बहेड़ा, महुआ, हर्र, लसोड़ा, चिरौजी, नारंगी, मोर पंखी, मनोकामनी, गंधराज, बड़ी चंपा, चांदनी, बेला, टिकोमा, सुपारी पाम, तेज पत्ता, आक, अरुशा, गोखरू, कपूर, करील, मीठी नीम, नीम, तुलसी, मरोदफल, गुलर, सहजन, शहतूत, खजूर, अनार, बड़हल, शरीफा, रीठा, घोट, बिजौरा, अमलतास, अर्जुन, जवाइन, जंगल बादाम, गिलोय व एलोवेरा आदि प्रजाति का चयन किया गया है।

शासन की मंशा अनुरूप 201 प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। विभाग के 304 चयनित स्थलों में से एक जगह चयन किया जाएगा। उसी जगह पांच हेक्टेयर में वन महोत्सव के दौरान पौधे लगाए जाएंगे। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।

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