2031 तक ऐसा दिखेगा अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र आजमगढ़, जानिये महायोजना में क्या है

  • वहीं प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में नई महायोजना के लिए कुल 169 गांवों को शामिल किया गया है।

आजमगढ़. शहर के विकास के लिए महायोजना 2031 का मास्टर प्लान प्रक्रिया में है। लगभग एक हजार दावे-आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं जिसे टाउन प्लानर द्वारा व्यवस्थित किया जा रहा है। दावा-आपत्तियों के आए कई माह हो गए लेकिन नई महायोजना में प्रतिबंधित ग्रीनलैंड, कृषि क्षेत्र और क्रीड़ा-पार्क की भूमि पर छूट मिलने का सपना पाले लोगों को राहत मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं है।


एडीए (आजमगढ़ विकास प्राधिकरण) की महायोजना के अंतर्गत 1985 से 2011 तक 100 हेक्टेयर वनीकरण, 109 एकड़ पार्क व क्रीड़ा, 100 हेक्टेयर सीवेज फार्म एवं 110 हेक्टेयर औद्योगिक क्षेत्र का निर्धारण है। इसमें वनीकरण, कृषि क्षेत्र, पार्क व खेलकूद और औद्योगिक क्षेत्र की भूमि प्लाटिग कर बेचना या खुद खरीदना पूरी तरह प्रतिबंधित है। कृषि योग्य भूमि पर यदि किसी पंजीकृत डेवलपर्स द्वारा प्लाटिग की जाती है तो उसको प्राधिकरण का मानक पूरा करना होगा अन्यथा प्लाटिग अवैध मानी जाएगी।


वहीं प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में नई महायोजना के लिए कुल 169 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक एवं अन्य उपयोगों समानुपात रूप से बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। एडीए बोर्ड की बैठक में नई महायोजना का प्रस्तावित प्रारूप सुनिश्चित किया जा चुका है। जनता से प्राप्त आपत्ति एवं सुझावों पर समिति की बैठक के दौरान गुण व दोष के आधार पर सुनवाई की जाएगी। निर्णय के बाद संशोधित महायोजना को बोर्ड के समक्ष रखा जाएगी। उसके बाद प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही नई महायोजना के अनुसार आदेश-निर्देश पारित किए जाएंगे।


अटल अमृत योजना के अंतर्गत प्रदेश के 61 जिलों का मास्टर प्लान 2031 पीआइएस बेस्ड सेटेलाइट के माध्यम से तैयार किया जाना है। विकास प्राधिकरण द्वारा मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक (सीटीसीपी) लखनऊ को अधिकृत किया जा चुका है। सीटीसीपी द्वारा सेटेलाइट आधारित (सेटेलाइट बेस्ड) मास्टर प्लान तैयार करने की योजना है। नया मास्टर प्लान आ जाने के बाद शहर के लोगों को मानचित्र कराने और बिचौलियों से मुक्ति मिल जाएगी। सेटेलाइट का संचालन हैदराबाद से किया जाएगा। नए मास्टर प्लान के तहत सेटेलाइट के माध्यम से शहरी क्षेत्र का फोटो जिसमें कहां जमीन खाली है, कहां निर्माण हो रहा है, कौन सी जमीन हरित पट्टी और कृषि की भूमि है, को चिह्नित का उसका पूरा ब्यौरा तैयार कर रिपोर्ट भेज देगा। शहरी क्षेत्र में कहां सड़क, पार्क, रेलवे स्टेशन, बड़े सरकारी व गैर सरकारी भवन, स्कूल-कॉलेज सहित अन्य आवासीय भवनों के फोटो के आधार पर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगा।


एडीए के सचिव बाबू सिंह का कहना है कि एडीए बोर्ड की बैठक में कई बिदुओं पर प्रस्ताव पारित किया गया है। शासन की मंशानुसार निर्णय लिया गया कि पुराने महायोजना में किसी प्रकार की तब्दीली नहीं की जाएगी। नई महायोजना के लिए आए दावा व सुझाव को टाउन प्लानर के पास भेज दिया गया है। बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रस्तावित प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।

By Ran Vijay Singh

रफतउद्दीन फरीद
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