आईएनएस बेतवा हादसे में गई आजमगढ़ के लाल की जान, हादसे के बाद सदमे में परिजन 

आईएनएस बेतवा हादसे में गई आजमगढ़ के लाल की जान, हादसे के बाद सदमे में परिजन 
naval force

 मुंबई के नेवल डाकयार्ड में मरम्मत के बाद युद्धपोत को समुद्र में उतारे जाने के दौरान हादसा 

आजमगढ़. मुंबई में बीते सोमवार को भारतीय नौ सेना के युद्धपोत आईएनएस बेतवा के डाकयार्ड में दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से मृत दो क्रू मेम्बरों में जनपद का लाल भी शामिल है। नौसेना की ओर से भेजी गई सूचना के बाद मृत नौ सैनिक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सदमाग्रस्त परिजनों को मुंबई से शव के आने का इंतजार है।

रानी की सराय थाना क्षेत्र के खलीलाबाद ग्राम निवासी हंसराज राय के तीन पुत्रों में सबसे बड़ा पुत्र नीरज (35) विगत वर्ष 2002 में भारतीय नौ सेना में बतौर मैकेनिकल इंजीनियर पद पर नियुक्त हुआ। मंझले पुत्र धीरज ने भी भारतीय सेना की नौकरी प्राप्त की। जबकि सबसे छोटा पुत्र चंद्रप्रकाश लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता है। 


इन दिनों नीरज राय भारतीय युद्धपोत आईएनएस बेतवा पर तैनात था। बीते सोमवार को मुंबई के नेवल डाकयार्ड में मरम्मत के बाद युद्धपोत को समुद्र में उतारा जा रहा था। उसी दौरान समुद्र तट से टकरा जाने के कारण पोत दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दौरान उसके दो क्रू मेम्बरों की मौत हो गई। जबकि 14 नौ सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे में मृत नीरज राय के माता-पिता घटना के दौरान दिल्ली में रह रहे अपने सैनिक पुत्र धीरज के यहां गए थे। 

पुत्र के मौत की सूचना पाकर हंसराज राय ने अपनी पत्नी को वापस घर भेज दिया और पुत्र धीरज के साथ मुंबई रवाना हो गए। वहां पहुंचकर मृतक नीरज की पत्नी पिंकी और उसके दो पुत्रों को लेकर हंसराज राय घर के लिए चले और मंगलवार की शाम पैतृक गांव पहुंचे। घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक का छोटा भाई धीरज शव को घर ले आने के लिए वहीं रुका हुआ है। गुरुवार को शव के आने की संभावना है। इस घटना से सदमाग्रस्त हुए परिजनों को मृतक नीरज के अंतिम दर्शन का इंतजार है।


मौत की खबर के बाद से बेसुध पड़ी पत्नी व मां, घर में पसरा है सन्नाटा
रानी की सराय थाना क्षेत्र के खलीलाबाद निवासी हंसराज राय अभी तीन माह पूर्व घर में हुई भीषण चोरी की घटना से उबर भी नहीं पाए थे कि बीते सोमवार को नौसेना में तैनात उनके बड़े पुत्र नीरज राय की मौत से मानो परिवार पर बज्रपात गिर पड़ा हो। बड़े पुत्र की मौत से जहां हंसराज राय व उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं मृतक की पत्नी पिंकी तो घटना के बाद से ही बेसुध पड़ी हुई है। उसकी आंखों से बहने वाले आंसुओं की धारा थमने का नाम नहीं ले रही। मृतक के दो बच्चों में आठ वर्षीय पुत्र श्रेयस भी परिजनों को विलाप करते देख सिसक रहा है तो सात माह की बेटी सिद्धि को क्या पता कि उसके सिर से असमय पिता का साया उठ गया। 


नौसेना में नौकरी पाने के दो वर्ष बाद वर्ष 2004 में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के रामगढ़ हरैया निवासी पिंकी नीरज की जीवनसंगिनी बनी। समय के साथ पिंकी ने दो बच्चों को जन्म दिया। तीन माह पूर्व पुत्र के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए नीरज ने अपने माता-पिता को मुंबई बुलाया था। मुंबई प्रवास के दौरान हंसराज राय के घर में भीषण चोरी की घटना हुई। यह बात वृद्ध दंपती के घर लौटने पर पता चली। एक माह पूर्व नीरज परिवार सहित अपने पैतृक गांव आया था। छुट्टी बीतने के बाद वह पत्नी व बच्चों के साथ वापस मुंबई चला गया। अभी कुछ दिनों पूर्व उसने अपने घर फोन करके शीघ्र आने की बात कही थी। परिजनों को क्या पता कि नीरज की बात उनके कानों में अंतिम बार पड़ रही है। नीरज की मौत से बेहाल हुए परिजनों को अब उसके निर्जीव शरीर के अंतिम दर्शन का इंतजार है। लोग मुंबई से शव आने का इंतजार कर रहे हैं। मृतक के घर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों के आने का क्रम जारी है।

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