चुनाव से पहले सीएम योगी का मास्टर स्टोक, विश्वविद्यालय की भूमि का प्रस्ताव स्वीकृत, जारी होगा 92 करोड़

भूमि के अभाव में लंबे समय से अटकी सीएम योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना विश्वविद्यालय निर्माण की बांधा दूर हो गयी है। प्रशासन द्वारा असपालपुर आजमबांध में जमीन चिन्हित कर भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने न केवल स्वीकृत कर लिया बल्कि 92 करोड़ रुपये भी जारी करने का भी निर्णय लिया है। खास बात है कि अब प्रशासनिक भवन भी विश्वविद्यालय परिसर में ही बनेगा। विश्वविद्यालय निर्माण में 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विधानसभा चुनाव से पहले इसे सरकार का मास्टर स्टोक माना जा रहा है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन द्वारा असपालपुर आजमबांध में राज्य विश्वविद्यालय स्थापना के लिए भेजे गए प्रस्ताव को न केवल शासन ने स्वीकृत कर लिया है बल्कि 92 करोड़ रुपये जारी भी करने का निर्णय लिया है। यहीं नहीं लोक निर्माण विभाग खंड-5 को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस परियोजना पर 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन से प्रथम चरण की धनराशि अवमुक्त होते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले विश्वविद्यालय की नींव रखना बीजेपी का मास्टर स्टोक माना जा रहा है।

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बता दें कि जिले में विश्वविद्यालय की मांग चार दशक से चल रही थी। सपा सरकार में जिले में विश्वविद्यालय स्थापना का विज्ञापन भी जारी किया गया था लेकिन बजट में विश्वविद्यालय बलिया को दे दिया गया था। वर्ष 2017 में यूपी की सत्ता में परिवर्तन हुआ और योगी आदित्यनाथ सीएम बने तो यह मामला उन तक भी पहुंचा। लोगों ने आंदोलन शुरू किया तो वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले सरकार ने जिले में राज्य विश्वविद्यालय की घोषणा कर दी। इसके बाद मोहब्बतपुर में भूमि चिन्हित कर बैनामा भी कराया गया लेकिन लो लैंड होने के कारण यहां निर्माण नहीं हो सका।

इसके बाद शासन द्वारा प्रशासन से नया प्रस्ताव मांगा गया था। प्रशासन ने तीन जगह भूमि चिन्हित कर असपालपुर आजमबांध में 20 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर नया प्रस्ताव भेजा था जिसे शासन ने स्वीकृत कर लिया है। विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए असपालपुर आजमबांध में 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन अधिग्रहित कर ली गई है। मिट्टी की टेस्टिग व फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड-5 के मुताबिक विश्वविद्यालय निर्माण में 550 करोड़ खर्च होंगे। अनुमानित लागत का 92 करोड़ रुपये प्रथम चरण में अवमुक्त किया जाएगा जिसमें विश्वविद्यालय परिसर, प्रशासनिक भवन और आवासीय भवन बनेंगे।

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इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर तक जाने के लिए एप्रोस मार्ग बनेगा, जिसके निर्माण में 16 करोड़ रुपये खर्च आएंगे। इसमें आठ करोड़ रुपये रास्ते के लिए किसानों से खरीदी जाने वाली जमीन का भी मूल्य शामिल है। कार्यदायी संस्था के एई मुकेश कमार का कहना है कि प्रस्ताव की मंजूरी बाद लगभग 550 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रशासन के माध्यम से भेज दिया गया है। प्रथम चरण की धनराशि जारी होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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