आजमगढ़ के 61 स्कूलों में पश्चिमी यूपी के छात्र दे रहे बोर्ड परीक्षा, शक होने पर जारी किया गया कारण बताओ नोटिस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों का एडमीशन कर गलत ढंग से माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा दिला रहे स्कूलों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई हो सकती है। ऐसे सभी 61 विद्यालयों को डीआईओएस द्वारा कारण बाताओ नोटिस जारी की गई है।

By: Mahendra Pratap

Published: 01 Mar 2020, 08:18 PM IST

आजमगढ़. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों का एडमीशन कर गलत ढंग से माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा दिला रहे स्कूलों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई हो सकती है। ऐसे सभी 61 विद्यालयों को डीआईओएस द्वारा कारण बाताओ नोटिस जारी की गई है। अगर उक्त विद्यालय अपने जवाब से विभाग व जिला प्रशासन को संतुष्ट करने में असफल रहे तो इनकी मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।

पिछले दिनों जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बोर्ड परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्हें बाहरी छात्रों के परीक्षा देने का शक हुआ तो उन्होंने आधार कार्ड से छात्रों की पहचान कराई। इस दौरान पाया गया कि 61 स्कूलों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत आदि जिलों के छात्रों का नामाकंन कर उनकी 75 प्रतिशत तक उपस्थिति दिखाकर बोर्ड परीक्षा में शामिल किया गया है। कई विद्यालय ऐसे भी मिले जिनके भवन तक नहीं है लेकिन उन्हें मान्यता मिली है और वे यह खेल खेल रहे है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक को कार्रवाई का निर्देश दिया था।

डीएम के निर्देश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा ने चिह्नित किए गए 61 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रबंधकों से सवाल किया है कि वाह्य परीक्षार्थियों का संस्थागत पंजीकरण कब किया गया। वाह्य परीक्षार्थियों का नाम व पता (सूची के रूप में) उपलब्ध कराएं कि वह शिक्षण अवधि में कहां पर रहकर आपके विद्यालय में शिक्षा ग्रहण किए हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि जांच के आधार पर वाह्य जनपद का नामांकन करते हुए फर्जी उपस्थिति लगाया जाना प्रतीत हो रहा है। बाहरी छात्रों का प्रवेश करना अनियमितता, गलत मंशा एवं विधि विरूद्ध कार्य को दर्शाता है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के दृष्टिगत क्यों न आपके विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई करने के लिए सक्षम अधिकारियों को संस्तुति प्रेषित की जाए। इस कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधनों में हड़कंप मचा है।

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