सउदी अरब में बंधक बने आजमगढ़ के 'लाल' का दर्द, मुझे बचा लीजिए मोदी जी

सउदी अरब में बंधक बने आजमगढ़ के 'लाल' का दर्द, मुझे बचा लीजिए मोदी जी
youth hostage

परिजनों ने पीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन नहीं हो रही कार्रवाई

आजमगढ़. आजमगढ़ का एक गरीब युवक नौकरी के लिए दर-दर भटकता रहा, लेकिन इसे कहीं भी नौकरी नहीं मिली। उस युवक ने अपने परिजनों से कहा कि किसी तरह सउदी अरब चला जाता, तो वहां बहुत पैसा कमाता और आपलोगों की गरीबी मिटा देता, जिसके बाद परिजनों ने किसी तरह पैसों का जुगाड़ करके उसे सउदी अरब भेज दिया। लेकिन वहां जाकर, जो हुआ वह दिल दहला देने वाला था।

एक लाख रूपये देकर चालक की नौकरी करने गये गरीब युवक को बीजा समाप्त होने के बाद सउदी अरब में बंधक बनाकर घरेलू नौकर के रूप में काम लिया जा रहा है। युवक भारत वापस आना चाहता है, लेकिन अरबी उसे आने नहीं दे रहा। पीड़ित की बहन ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में राज्यमंत्री महेश शर्मा से मिलकर भाई के वतन वापसी में मदद मांगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

जानकारी के अनुसार,  निजामाबाद थाना क्षेत्र के रसूलपुर फत्तनपुर गांव निवासी विनोद अनपढ़ व काफी गरीब हैं। परिजनों ने किसी तरह से एक लाख रूपये की व्यवस्था कर उसे 29 जुलाई 2015 को एजेंट के माध्यम से सउदी अरब भेजा। एजेंट ने जो बीजा दिया वह चालक का बताया गया। विनोद जब सउदी अरब पहुंचा, तो उसे वहां बताया गया कि बीजा मात्र 90 दिन का है और उसमें 20 दिन शेष बचा है। इसके बाद अरबी सादबिन अब्दुल रहमान ने चालक का काम कराने के बजाय उसे घरेलू नौकर बना दिया। विनोद का बीजा समाप्त हो चुका है।

अरबी उसे घर में बंधक बनाकर अमानवीय ढंग से काम ले रहा है। डीएम कार्यालय पहुंचे विनोद की पत्नी मंजू ने बताया कि 10 दिन पूर्व विनोद का फोन आया था। उसने अपने साथ हो रहे उत्पीड़न को बताते हुए कहा कि वह गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गया है। डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार, उसके पेशाब के रास्ते रक्तस्राव हो रहा है।

विनोद की बहन अनीता सिंह भारती ने बताया कि 25 जून को उसने भाई की वापसी के लिए विदेश मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचकर मदद मांगी थी। इसके बाद 2 जुलाई को प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय वाराणसी में केंद्रीय कला एवं संस्कृति राज्यमंत्री महेश शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक किसी कार्रवाई के बारे में उसे सूचित नहीं किया गया है। परिजनों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि विदेश मंत्रालय और सउदी में स्थित भारतीय दूतावास से सम्पर्क कर विनोद की सुरक्षित वापसी करायें।
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