मुलायम के आजमगढ़ को साधने के लिए योग करा रहे बाब राम देव, जानिए क्या है रणनीति

Jyoti Mini

Publish: May, 18 2018 12:54:15 PM (IST)

Azamgarh, Uttar Pradesh, India
मुलायम के आजमगढ़ को साधने के लिए योग करा रहे बाब राम देव, जानिए क्या है रणनीति

मुलायम के आजमगढ़ को साधने के लिए योग करा रहे बाब राम देव, जानिए क्या है रणनीति

आजमगढ़. आने वाले दिनों में लोकसभा चुनाव है। राजनीतिक दल चुनाव तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में योग कार्यक्रमों के बहाने स्वामी रामदेव का पूर्वांचल के यादव बाहुल्य जिलों का दौरा करना और गांव-गांव तक जाकर लोगों से मिलना सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। वैसे स्वामी रामदेव लगातार कह रहे हैं कि उनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन जिस तरह से वे हर मंच से पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं उससे साफ है कि, कहीं न कहीं भाजपा को सियासी लाभ पहुंच रहा है। चूंकि स्वामी राम देव खुद यादव और यादवों के बीच उनकी पैठ को देखते हुए चर्चा इस बात की भी है कि, लोकसभा चुनाव में अगर रमाकांत ने बीजेपी का साथ छोड़ा तो मोदी बाबा के किसी खास को मैदान में उतार सकते हैं। यहीं नहीं बीजेपी चुनाव मैदान में उतरने के लिए उन्हें भी मना सकती है।


गौर करें तो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने आजमगढ़ सीट को छोड़ दिया जाय तो पूर्वांचल में विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया था। आजमगढ़ सीट भी सपा इसलिए जीतने में सफल रही थी क्योंकि यहां से पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव मैदान में थे। अब सपा और बसपा के गठबंधन की चर्चा से बीजेपी की नींद उड़ी हुई है। खासतौर पर पूर्वांचल में जहां यादव, दलित और मुस्लिम हमेंशा से निर्णायक साबित हुए है। इनकी एकजुटता के बाद बीजेपी की मुसीबत बढ़नी तय है। भाजपा इस बात से वाकिफ है।


अब भाजपा का पूरा दारोमदार पूर्वांचल में अतिपिछड़ों और सवर्णो की एकजुटता पर निर्भर है। अगर यह बीजेपी के साथ 2014 और 2017 की तरह खड़े रहते हैं तभी पार्टी विपक्ष को चुनौती दे पाएगी। वैसे बीजेपी के लोग दलित मतों में सेंध लगाने के लिए लगातार कार्य कर रहे है। नेता दलित बस्तियों में कैंपकर उनके साथ भोजन कर रहे हैं और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ इनतक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बीजेपी दलितों के बीच यह संदेश देना चाहती है वह जातिगत आधार पर भेदभाव नहीं करती और गरीब और दलितों की असली हितैषी है। लेकिन बीजेपी अब तक यादव जाति में पैठ बनाने के लिए कोई कारगर दाव नहीं चल सकी है।


राजनीति के जानकारों की माने तो अब बीजेपी बाबा रामदेव के जरिये यादवों के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। आजमगढ़ को ही यहां स्वामी रामदेव तीन दिन के दौरे पर हैं। स्वामी रामदेव ने शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में समय दिया है और जहां भी उन्हें मौका मिला वे मोदी और उनकी नीतियों की तारीफ करने से नहीं चुके। यह अलग बात है कि, वे अपने हर कार्यक्रम में यह कहते रहे कि उनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है जो देशहित, समाज हित के लिए काम करता है वे उसके साथ हैं लेकिन चर्चा इस बात की है कि योग के बहाने कहीं न कहीं स्वामी रामदेव बीजेपी को फायदा पहुंचा रहे हैं। तर्क है कि स्वामी जी यादव जाति के है बड़ी संख्या में उनके अनुवायी भी यादव है अगर कुछ प्रतिशत लोगों पर भी स्वामी द्वारा की जा रही मोदी के तारीफ का असर हुआ और वे बीजेपी के साथ गए तो गठबंधन की हालत खराब हो सकती है।

input रणविजय सिंह

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