बाहुबली रमाकांत यादव के विधायक बेटे पर जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप, हंगामा

विवादित सरकारी भूमि की दूसरों के नाम रजिस्ट्री कराकर ढहाई दीवार
प्रशासन का दावा, मौके पर मौजूद थे विधायक लेकिन दूसरे कर रहे थे कब्जा

आजमगढ़. अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले बाहुबली रमाकांत यादव के पुत्र व भाजपा विधायक अरूणकांत यादव अब भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगा है। अरूणकांत यादव की मौजूदगी में रात के अंधेरे में स्कूल व सरकारी भूमि पर दीवार गिराकर कब्जे की कोशिश की गयी। कब्जा गुरूवार की सुबह भी जारी था लेकिन कुछ लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गयी और काम को रोकवा दिया।

सत्ताधारी दल और सपा के बाहुबली रमाकांत यादव के पुत्र का मामला होने के कारण अधिकारी इसमें लीपापोती का प्रयास कर रहे है। इनका दावा है कि विधायक मौके पर मौजूद जरूर थे लेकिन खुद भूमि कब्जा नहीं कर रहे थे। जबकि विपक्षियों का आरोप है कि विधायक की भूमि पर लंबे समय से नजर है और अपने लोगों के नाम गलत ढंग से बैनामा कराकर कब्जा कर रहे है जबकि उक्त भूमि सरकारी है और उसपर न्यायालय से स्थगन आदेश है।

बताते हैं कि फूलपुर तहसील मुख्यालय से सटे मिजवां रोड पर गाटा संख्या 481 में वर्षो पहले एक विद्यालय का निर्माण हुआ था। बाद में यह विद्यालय बंद हो गया। उसका भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। उक्त विद्यालय के प्रबंधक पड़ोस के गांव कनेरी के गोरखनाथ पांडेय थे। वर्तमान में उक्त भूमि नवीन परती के खाते में दर्ज है।


उसी भूमि को लेकर क्षेत्र के सुदनीपुर गांव निवासी अशोक सिंह पुत्र राजाराम सिंह व अंजर पुत्र माटिन के बीच दीवानी न्यायालय में वाद चल रहा है। मुकदमा लड़ रहे लोगों के मुताबिक उक्त भूमि पर स्थगन आदेश है। आरोप है कि उसी भूभाग को फूलपुर विधायक अरूणकांत यादव ने अपने लोगों के नाम गलत ढंग से बैनामा या एग्रीमेंट करा लिया। जिस व्यक्ति से यह भूमि खरीदने की बात की जा रही है उसका वहां कुछ है ही नहीं।

इसी बीच बुधवार की रात विधायक कुछ लोगों के साथ जेसीबी लेकर पहुंचे और वहां मौजूद खंडहर को ढहवाना शुरू कर दिया। इसके बाद गुरूवार की सुबह विधायक की मौजूदगी में वहां से ईंट हटवाना शुरू कर दिया गया। जानकारी होने पर मुकदमा लड़ रहे अशोक सिंह और अंजर ने इसकी शिकायत तहसील प्रशासन व कोतवाली से की। कोई कार्रवाई न होने पर उक्त लोगों ने एसपी को फोन किया। एसपी के निर्देश के बाद फूलपुर कोतवाल, एसडीएम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और काम को रोकवा दिया। साथ ही मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गयी।


वहीं दूसरी तरफ विधायक को एसडीएम कार्यालय बुलाया गया। अब एसडीएम के चैंबर में बंद कमरे में दोनों पक्षों की बात चल रही है। घटना से लोगों में भारी गुस्सा है। कब्जे का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि विधायक की नजर लंबे समय से भूमि पर थी। अब वे स्थगन आदेश के बाद भी जबरदस्ती भूमि पर कब्जा कर रहे है। वहीं तहसीलदार का कहना है कि कब्जे की सूचना पर वे फोर्स के साथ मौके पर पहुंच काम रोकवा दिये हैं। यह विधायक का मामला नहीं है, विधायक मौके पर मौजूद थे लेकिन कब्जा अन्य लोग कर रहे थे।

BY- RANVIJAY SINGH

Akhilesh Tripathi Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned