बाहुबली रमाकांत यादव ने किया खुलासा, इस वजह से आजमगढ़ में निकाय चुनाव में हारी भाजपा

रमाकांत यादव ने एक बार फिर बगावती तेवर दिखाया, कहा-बीजेपी सरकार आरक्षण को समाप्त करने की साजिश कर रही है।

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 14 Dec 2017, 04:03 PM IST

Azamgarh, Uttar Pradesh, India

आजमगढ़. निकाय चुनाव में अपनी पहली पत्नी को नहीं जीता पाने वाले भाजपा के बाहुबली रमाकांत यादव ने एक बार फिर बगावती तेवर दिखाया है। इस बार उन्हें योगी और मोदी की सरकार पर खुलकर हमला बोला और कहा कि सरकार की नजर में दलित व पिछड़े कीड़े-मकोड़े की तरह है। इसी का खामियाजा निकाय चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ा है और और भी भुगतेगी।

 

रमाकांत ने बीजेपी सरकार पर आरक्षण को समाप्त की साजिश का भी आरोप लगाया। रमाकांत द्वारा लगातार अपनाये जा रहे बगावती तेवर के बाद एक फिर उनके पार्टी बदलने की चर्चा शुरू हो गयी है। वैसे रमाकांत ने दावा किया है कि वे पार्टी के साथ है लेकिन उनके लिए पार्टी से उपर समाज है। चाहे वह जहां रहे हो जब भी दलितो और पिछड़ों की बात आयी है उन्होंने पार्टी के बजाय समाज को प्राथमिकता दी है।


पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि यूपी में बीजेपी बनाने में दलित और पिछड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सरकार बनने के बाद आज दलित और पिछड़े सरकार की नजर में कीड़े मकोड़े जैसे हो गये है। जैसे मकान बनता है तो सटरिंग लगाई जाती है लेकिन लिंटर लगते ही उसे निकाल कर दिया जाता है। सरकार ने दलित और पिछड़े भी ऐसे ही है। आज उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। पिछड़ा और दलित आज खुद को ठगा महसूस कर रहा है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि हक छीनने का प्लान जरूर बन रहा है लेकिन किसी में इतना मद्दा नहीं जो आरक्षण छीन सके। देश में 54 प्रतिशत पिछड़े और 22 से 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग हैं।

 


उन्होंने कहा कि दलित और पिछड़ों की उपेक्षा पहले भी होती थी आज भी सरकार कर रही है। इधर जितनी भी परिक्षाओं के परिणाम आये हैं दलित और पिछड़ों को नुकसान उठाना पड़ा है। जिससे हमे मायूसी हुई है। आरक्षण के हिसाब से हमें 49 प्रतिशत मिलना चाहिए लेकिन 18 से 20 प्रतिशत मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ जगह आरक्षण का स्वरूप है, अगर इस वर्गो के लोग जनरल में कोई परीक्षा पास करता है तो उन्हेंं सीट जनरल में लेनी चाहिए, वे प्रमाण पत्र भले ही पिछड़ी जाति का लगाये। उसके बाद जो बच्चे बचते है उन्हें कोटे का लाभ मिलना चाहिए। वर्तमान सरकार को इसका निश्चित तौर पर नुकसान उठाना पड़ेगा। बल्कि यूं कहें कि नुकसान उठाने से कोई नहीं रोक पायेगा।

 


भाजपा से मोहभंग होने और दूसरी पार्टी में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर सरकार हमारी है और मैं पार्टी में हूं। कहीं नही जा रहा लेकिन मेरे लिए पार्टी बाद में समाज पहले है। मैं जहां भी रहा जब बात दलित और पिछड़ों की बात आने पर पार्टी के बजाय समाज को प्राथमिकता दी। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि नगर निगमों में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की लेकिन नगर पालिका और वार्डो में हार का कारण दलित और पिछड़ों की उपेक्षा है। इस उपेक्षा का खामियाजा आगे भी भुगतना होगा।

 

BY- RANVIJAY SINGH

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