बड़ी कार्रवाई, माफिया ध्रुव कुमार सिंह कुंटू की करोड़ों की संपत्ति होगी जब्त

- पुलिस अधीक्षक की आख्या के बाद डीएम ने लिया फैसला, संबंधित अधिकारियों को जारी किया गया निर्देश
- डी-11 गैंग का सरगना है माफिया कुंटू सिंह, पूर्व विधायक की हत्या सहित दर्ज हैं दर्जनों संगीन अपराध

By: Hariom Dwivedi

Updated: 24 Mar 2020, 06:17 AM IST

आजमगढ़. पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू सिंह की हत्या सहित कई गंभीर अपाराधिक मामलों में जेल में बंद माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। डी-11 गैंग के सरगना कुंटू सिंह की लगभग आठ करोड़ की संपत्ति जिला प्रशासन जब्त करेगा। एसपी की आख्या पर डीएम ने संबंधित तहसील अधिकारियों को धारा-14 (1) उप्र गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम-1986 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपत्ति जब्त करने का निर्देश दिया है।

जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा सुल्तानपुर गांव निवासी माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू पुत्र रूद्र प्रताप सिंह डी-11 गैंग का संचालन करता है। सगड़ी के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या सहित पचास से अधिक संगीन अपराध उसके खिलाफ दर्ज है। कुंटू सिंह लंबे समय से जेल में निरूद्ध है। वर्ष 2013 में उसके खिलाफ गैंगेस्टर भी लगाया गया है। शासन द्वारा शातिर अपराधियों के संपत्ति कुर्क करने के आदेश के बाद पिछले दिनों कुंटू और उसकी पत्नी अजमतगढ़ ब्लाक प्रमुख वंदना सिंह के संपत्तियों की जांच करायी गयी थी। जांच में सामने आया कि कुंटू आजमगढ़ ही नहीं आसपास के जिलों में आतंक फैला रखा है जिसके कारण कोई उसके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।

दबंगई के बल पर ही उसने अपनी पत्नी बंदना सिंह को विकास खंड अगमतगढ़ व साथी अपराधी संजय यादव को जहानागंज का ब्लाक प्रमुख बनवाया। ये दोनों सक्रिय रूप से इस गैंग के लिये कार्य करते हैं तथा लोगों को धमकाकर अवैध सम्पत्तियां अर्जित करते हैं। कस्बा जीयनपुर में वंदना सिंह के नाम 117 वर्ग मीटर में तीन मंजिला मकान, जीयनपुर अगमतगढ़ रोड पर मौजा खानकाह-बहरामपुर में 59.13 वर्गमीटर में निर्मित मकान क्रय किया गया। ग्राम खर्रा रस्तीपुर में कुंटू द्वारा गिरिजा शंकर स्मृति महाविद्यालय व रूद्र प्रताप पालिटेक्निक कालेज का निर्माण कराया गया है। इसके लिए भी भूमि वंदना के नाम क्रय की गयी है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में आख्या जिला मजिस्ट्रेट को सौंपी गयी थी।

जिला मजिस्ट्रेट ने धारा-14 (1) उप्र गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम-1986 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त संपत्तियों को कुर्क किए जाने का आदेश दिया है। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिये कि तहसीलदार, सगड़ी, आजमगढ़ एवं प्रभारी निरीक्षक थाना जीयनपुर, आजमगढ़ संयुक्त रूप से उक्त सम्पत्ति को नियमानुसार कुर्क करके अनुपालन आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। तहसीलदार, सगड़ी, आजमगढ़ को उक्त सम्पत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया जाता है। आदेश अनुपालनोपरान्त पत्रावली मय आख्या गैंगेस्टर न्यायालय को प्रेषित की जाय।

Hariom Dwivedi
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