अखिलेश का समर्थन करने पर भाजपा से निकाले गए आईपी सिंह सपा में हुए शामिल

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने घर में कार्यालय खोलने का किया था ऑफर

By: sarveshwari Mishra

Published: 04 Apr 2019, 09:17 AM IST

आजमगढ़. भाजपा से निकाले गए नेता आईपी सिंह ने सपा का दामन थाम लिया है। अखिलेश यादव के आजमगढ़ संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद कल्याण सरकार में राज्यमंत्री रहे आइपी सिंह ने अखिलेश यादव के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने पर न केवल खुशी जताई थी बल्कि ट्वीट के जरिये अपने घर को चुनाव कार्यालय बनाने का ऑफर भी दे दिया था। जिसके नाराज होकर भाजपा ने आईपी सिंह को अपने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। आईपी सिंह को सीएम योगी का बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन हाल में उनके बगावती तेवर को देखते हुए सीएम ने उनसे दूरी बना ली है।


बता दें कि आईपी सिंह पिछले काफी समय से भाजपा नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। वहीं आईपी सिंह ने ट्विट कर आजमगढ़ से निरहू को टिकट दिए जाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि आजमगढ़ से निरहू को टिकट देकर जिसका कभी जनता से कोई सरोकार नहीं रहा भाजपा ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अखिलेश यादव वहां से प्रचंड जीत हासिल कर नया कीर्तिमान रचेंगे। वह स्वयं अपने हर संभव पल को इस महायज्ञ को समर्पित कर आजमगढ़ में घर-घर जाकर अखिलेश यादव के लिए वोट मांगने की बात कही है।

जानिए आईपी सिंह का राजनीतिक कैरियर
आईपी सिंह छात्र जीवन में ही एबीवीपी से जुड़ गए थे। वह लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ महामंत्री भी रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान वह तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के साथ चुनाव प्रचार में लगे हुए थे।साल 2014 के चुनाव के पूर्व जब बसपा के दागी नेता बाबू सिंह कुशवाहा को बीजेपी में शामिल किया गया तो प्रदेश कार्यकारिणी में रहते हुए आईपी सिंह ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए पार्टी ने निलंबित कर दिया था। बाद में उन्हें पार्टी ने वापस ले लिया था।

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