यूपी चुनाव: यूपी के आजमगढ़ में 27 को दहाड़ेंगी मायावती

यूपी चुनाव: यूपी के आजमगढ़ में 27 को दहाड़ेंगी मायावती

रैली की भीड़ तय करेगी बसपा का भविष्‍य

आजमगढ़. मुलायम के गढ़ यानि आजमगढ़ में सपा को चौतरफा घेरने के लिए विपक्ष तैयार है। इस ममाले में बसपा सुप्रिमों पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती सबसे आगे हैं। वे 27 फरवरी को आजमगढ़ में अपनी पहली सभा करेंगी। माना जा रहा है कि मायावती न केवल सपा गठबंधन के नेताओं द्वारा पार्टी पर लगाए जा रहे आरोप का जवाब देंगी बल्कि भीड़ जुटाकर इतिहास रचने के साथ ही अपनी ताकत का एहसास भी कराएंगी। यह रैली इसलिए भी महत्‍पवूर्ण मानी जा रही है कि मायावती ने इस बार अपने चुनाव अभियान की शुरूआत भी यहीं से किया था। जबकि सपा पारिवारिक झगड़े में पड़कर पिछड़ गई, अब तक उसके किसी बड़े नेता की सभा यहां नहीं हुई है।



यूपी चुनाव के छठे चरण में सभी दलों की नजर आजमगढ़ पर है। कारण कि यहां सर्वाधिक दस सीटे हैं। वर्तमान में नौ सीटों पर सपा और एक सीट पर बसपा काबिज है। जबकि वर्ष 2007 के चुनाव में यहां बसपा ने छह और सपा ने चार सीट जीती थी। भाजपा यहां वर्ष 1996 के बाद खाता नहीं खोल सकी है तो कांग्रेस के प्रत्‍याशी दो दशक से जमानत बचाने के लिए तरसते रहे हैं। इस चुनाव में सपा बसपा का गठबंधन है यहां कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली है।


ऐसे में लड़ाई के मैदान में सपा बसपा और भाजपा है। भाजपा ने दस में से आठ सीट पर पिछड़ा और अति पिछड़ा दाव खेलकर लड़ाई को दिलचस्‍प बनाने के साथ ही विपक्ष की चुनौती बढ़ा दिया है। बसपा यहां अपना पुराना वर्चश्‍व हासिल करने के लिए सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाते हुए दो सवर्ण प्रत्‍याशियों के साथ ही एक सीट पर यादव व दो सीट पर मुस्लिम प्रत्‍याशी उतार बड़ा दाव खेला है।


रहा सवाल सपा का तो सगड़ी और मेंहनगर को छोड़ दिया जाय तो पुराने उम्‍मीदवारों पर ही दाव लगाया है। भाजपा और बसपा यहां सत्‍ता विरोधी लहर के साथ ही सपा के पारिवारिक कलह से कार्यकर्ताओं के टूटे मनोबल का भी फायदा उठाना चाहती है।


यही वजह है कि यहां पीएम मोदी से लेकर मायावती सभा करने जा रही है। वहीं सपा अपने गढ़ को बचाने के लिए सीएम अखिलेश की पत्‍नी डिंपल यादव और प्रियाका गांधी की सभा एक साथ कराने का मन बना चुकी है। अन्‍य नेताओं के सभा की तिथि अभी मुकर्रर नहीं है लेकिन मायावती 27 फरवरी को आजमगढ़ में सभा करने जा रही है।


बसपा जिला इकाई के मुताबिक यह सभा एसकेपी मैदान में हो सकती है। बसपाई सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए अभी से तैयारी में जुटे हैं। इनकी पहली प्राथमिका रैली में अधिक से अधिक भीड़ जुटाकर विपक्ष को ताकत का एहसास कराने के साथ ही उनके कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ना है। इसके लिए बूथवार जिम्‍मेदारी सौंपी जा रही है।
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