प्रधान व सेक्रेटरी सहित पांच के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज

विकास कार्यों के लिए दी गई सरकारी रकम की हुई बंदरबांट

By: वाराणसी उत्तर प्रदेश

Published: 04 Sep 2017, 11:47 AM IST

आजमगढ़. विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों में भेजी गई सरकारी रकम की बंदरबांट  कर लेनेवाले दो ग्राम प्रधान दो पंचायत अधिकारी व एक तकनीकी सहायक के खिलाफ संबंधित स्थानों में गबन व धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। तरवां में मनरेगा योजना के अंतर्गत नाली निर्माण कार्य में 226000 रुपए की धांधली करने का मामला उजागर हो गया मुख्य विकास अधिकारी द्वारा इस मामले में कराई गई जांच के बाद शिकायतकर्ता का आरोप सही पाया गया इस मामले में प्रवाह क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार ने मुकामी थाने में ग्राम पंचायत के प्रधान लालजी कुशवाहा ग्राम पंचायत अधिकारी मिथिलेश सिंह तथा तकनीकी सहायक ओम प्रकाश पाठक के खिलाफ सरकारी धन के गबन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है इसी क्रम में देवगांव कोतवाली क्षेत्र के पल्हना ब्लाक अंतर्गत भोजपुर गांव में शौचालय निर्माण के नाम पर सात लाख 68 हजार रुपये का गबन कर लिए जाने का आरोप सही पाया गया। इस मामले में सहायक विकास अधिकारी चतुर्थ राजेंद्र कुमार ने देवगांव कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में भोज पुर गांव की महिला प्रधान पूनम देवी तथा ग्राम



वही दूसरी तरफ  सीएमओ आफिस में तैनात लिपिक के खिलाफ महिला चिकित्सक के साथ अभद्रता को लेकर  रिपोर्ट दर्ज किया गया है। बतादें कि  मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक शत्रुघन यादव शनिवार को अपने किसी परिचित महिला का प्रसव कराने के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे अस्पताल में तैनात चिकित्सक शिप्रा सिंह ने महिला मरीज की हालत गंभीर देख मेडिकल परीक्षण किया और प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को शल्य चिकित्सा के माध्यम से नवजात का जन्म कराने की सलाह दी आरोप है कि इस दौरान लिपिक ने महिला चिकित्सक पर सामान्य प्रसव कराने के लिए दबाव बनाया असमर्थता जताने पर उन्होंने चिकित्सक के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी पीड़ित महिला चिकित्सक द्वारा शहर कोतवाली में आरोपी लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है मामले की जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं कर रहे हैं। 

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