आजमगढ़ में सपा गठबंधन के खिलाफ निर्दल उम्मीदवार उतारेंगे असंतुष्ट कांग्रेसी

कांग्रेस नेता मधुसूदन के नेतृत्व में हुई बैठक में हुआ निर्णय।

आजमगढ़. कांग्रेस और सपा का गठबंधन मुलायम के गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ के कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा है। कांग्रेसी न केवल गठबंधन पर सवाल उठा रहे हैं बल्कि पार्टी नेतृत्व से यह जानना चाहते हैं कि 27 साल यूपी बेहाल के नाम पर जिन ग्रामीणों के पास वे सपा बसपा भाजपा के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाये थे अब उसी सपा के लिए किस मुंह से वोट मांगेंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व मंत्री मधुसूदन त्रिपाठी एडवोकेट के नेतृत्व में मंगलवार को हुई कांग्रेसियों की बैठक में यह मुद्दा छाया रहा और अंत में निर्दल उम्मीदवार मैदान में उतारने का निर्णय लिया गया।




मधुसूदन त्रिपाठी ने कहा कि हाल में हमने 27 साल यूपी बेहाल का नारा देकर यूपी को बदलने का संकल्प लिया था। प्रत्येक विधानसभा में दस हजार झोला पहुंचाया गया। किसानों ने कांग्रेस के विचारों से सहमत होकर मांग पत्र पर हस्ताक्षर किया और अपना मोबाइल नम्बर लिखा। कांग्रेस का समर्थन करने वालों में ज्यादातर सवर्ण व अल्पसंख्यक थे। उनमें उम्मीद जगी थी कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा। बिजली बिल माफ होगी। लेकिन आज पार्टी नेतृत्व ने सपा के साथ गठबंधन कर लिया है। ऐसे में हम कौन सा मुंह लेकर वोट मांगने जायेंगे।




उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, भूमिहार, कायस्थ तथा ओबीसी और मुसलमान जिनके खिलाफ आरक्षण का दुरूपयोग किया गया, जिनके बच्चों को पिछले 27 सालों से नौकरी, रोजगार नहीं मिला, उलटे मुकदमें में फंसाया गया, सवर्णों की हत्या करायी गयी, उनसे किस मुंह से वोट मांगा जायेगा। हम लोगों से अपील करेंगे कि लोग अपने आत्मा की पुकार सुनकर वोट दें। साथ ही निर्दल प्रत्याशी भी मैदान में उतारा जायेगा।




अगली बैठक 29 जनवरी को करने का फैसला किया गया। इस मौके पर देवीशरण पाठक, रामाश्रय राय, विश्वनाथ सिंह, विपिन शुक्ला, अशोक त्रिपाठी, प्रभाकर सिंह, विष्णुदत्त चतुर्वेदी, बाबूराम पांडेय, विभूति नरायन पांडेय, अजय मिश्रा, शाहजहां, एहसान अहमद, कप्तान सिंह, वैद्यनाथ सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
रफतउद्दीन फरीद Desk/Reporting
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