जो देता है लाखों रूपये बिल उनकी भी नहीं सुनता बिजली विभाग

जो देता है लाखों रूपये बिल उनकी भी नहीं सुनता बिजली विभाग

Sunil Yadav | Publish: Feb, 15 2018 11:42:42 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

पीड़ित ने सीएम और पीएम को पत्र लिखकर मांगा न्याय

आजमगढ़. जहां एक तरफ प्रदेश की सरकार लोगों को स्थानीय स्तर पर ही उनके समस्याओं के समाधान में लगी हुई है वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग का एक ऐसा प्रकरण सामने आया है जहां उपभोक्ता के बार बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी विभाग के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। मामला आजमगढ़ जिले के लाइफ लाइन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का हैं। पीड़ित ने सीएम, पीएम और ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।


लाइफ लाइन हॉस्पिटल के प्रबंधक निदेशक डॉक्टर पीयूष कुमार सिंह के अनुसार लाइफलाइन हॉस्पिटल 2009 से विद्युत विभाग के उपभोक्ता हैं और लगातार सही समय पर बिल देते रहे हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व अस्पताल प्रशासन द्वारा अपने कनेक्शन को एलटी लाइन से एचटी लाइन में परिवर्तित कराने के बाद भी एचटी लाइन का मीटर नहीं लगाया गया। पिछले 1 सालों से एलटी लाइन के ही मीटर पर बिलिंग की गई। विद्युत विभाग द्वारा मनमाना तरीके से अस्पताल को बिल भेजी जा रही थी और अनावश्यक रुप से उस बिल पर विलंब शुल्क भी लिया गया। जबकि यह देरी और बिल की अनियमितताएं पूर्ण रूप से बिजली विभाग की जिम्मेदारी थी।

 

पिछले 1 साल में चार बार लिखित और कई बार फोन से संपर्क करने के बाद व कई बार अधिकारियों के यहां उपस्थित होकर मामले के निस्तारण के लिए बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे लेकिन इसके बाद भी उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं एसडीओ द्वारा कनेक्शन काटने की धमकी भी दी जा रही थी। अंत में हॉस्पिटल प्रशासन द्दारा बिल का भुगतान कर दिया गया तथा अपनी शिकायत को ले कर वह उपभोगता फोरम में चले गये।
डाक्टर पियूष ने बताया कि लाइफ लाइन हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर पूर्वी उत्तर प्रदेश इमरजेंसी ट्रामा न्यूरो के साथ ही गहन चिकित्सा सेवाओं को देने वाली तृतीय करेफरल सेंटर के रूप में जानी जाती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में विद्युत संचालितमशीनों का प्रयोग किया जाता है लेकिन पिछले काफी दिनों से विद्युत व्यवस्था सुचारू तरीके से न चल पाने के कारण अस्पताल को ऑपरेशनऔर जीवन रक्षक प्रणाली की मशीनें जनरेटर के सहारे ही चलानी पड़ रही है। क्योंकि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की परिस्थिति में यदि हमारी वैकल्पिक व्यवस्था जनरेटर कभी प्रभावित हो गई तो किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 2 महीने से अस्पताल को मिलने वाली बिजली का वोल्टेज अचानक कभी बहुत ज्यादा हो जाता है स्थिति ऐसी हो जाती हैं कि 10-10 दिनों तक लगातार हाई वोल्टेज रहता है और बिजली विभाग से शिकायत के बाद भी उन लोगों द्वारा मामले का निस्तारण नहीं किया जाता।

हैरानी की बात है कि जहां एक और भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार समाप्त करने तथा उपभोक्ता हितों के संरक्षण की बात करती है वहीं पर प्रदेश की विद्युत विभाग के आजमगढ़ खंड-प्रथम के उपभोक्ता का विश्वास उठता जा रहा है। अपनी समस्या के निस्तारण के लिए उन्होंने अब प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ट्वीट, फैक्स तथा मेल द्वारा अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सबसे बड़ा प्रश्न ये है अगर बड़े उपभोक्ताओं का ये हाल है तो आजमगढ़ की आम जनता का क्या हाल होगा ?

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