स्वतंत्रता सेनानी की याद में स्मृति द्वार बनवाने की मांग

स्वतंत्रता सेनानी की याद में स्मृति द्वार बनवाने की मांग
Demand for freedom fighter memory gate

Devesh Singh | Updated: 26 Feb 2019, 12:23:45 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के याद में स्मृति द्वार बनाने की मांग को लेकर सोमवार को उनके पौत्र ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

आजमगढ़। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के याद में स्मृति द्वार बनाने की मांग को लेकर सोमवार को उनके पौत्र ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
आसिफ मुजतबा पुत्र स्व अहमद मुजतबा ने बताया कि शहर के जालंधरी कोट निवासी मेरे दादा मौलवी अब्दुल हक ने पराधीन भारत के समय अंग्रेजों के खिलाफ कई बार संघर्ष किया था। जिसके चलते अंग्रेजों ने उन्हें 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान छह मास की कड़ी कैद की सजा सुनायी थी। इसके बाद उन्हें स्वाधीनता संग्राम सेनानी आजमगढ़-7 का मेडल भी मिला लेकिन आज तक उनके याद में एक भी स्मृति द्वार या सड़क का नाम दर्ज भी नहीं कर उनकी उपेक्षा की गयी। जिसके कारण उनके परिजनों व स्थानीय लोगो में रोष है।
आसिफ मुजतबा ने डीएम से मांग किया कि जालधंरी स्थित आवास से कोटे चौराहे की दूरी लगभग 20 मीटर है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की याद में कोई मार्ग या स्मृति द्वार बनाया जाये ताकि देश को आजाद कराने वाले को सम्मान मिल सकें। मांग करने वालों में शंकर राम, हीरालाल, सवितानन्द, नवीन, कन्हैया, उमाशंकर, अजय कुमार गुप्ता, जमील अहमद, बेलाल अहमद, रविप्रकाश, आदि शामिल थे।

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