पीएम मोदी आजमगढ़ में जिस योजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं, उसका 2016 में ही अखिलेश यादव कर चुके हैं शिलान्यास

पीएम मोदी आजमगढ़ में जिस योजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं, उसका 2016 में ही अखिलेश यादव कर चुके हैं शिलान्यास

Akhilesh Kumar Tripathi | Publish: Jul, 10 2018 03:50:20 PM (IST) | Updated: Jul, 10 2018 04:58:02 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

एक्सप्रेस-वे को अपनी योजना बताने के लिए करोड़ों रूपये बर्बाद कर रही बीजेपी सरकार

आजमगढ़. पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर सपाइयों का दावा सच साबित हुआ। जिस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने 14 जुलाई को पीएम मोदी आ रहे हैं उसका शिलान्यास पूर्व सीएम अखिलेश यादव 2016 में ही कर चुके है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दोबारा शिलान्यास करने और उस पर करोड़ों रूपये खर्च करने का क्या औचित्य है। क्योंकि शिलान्यास के अलावा पीएम और क्या करने वाले है इसकी आधिकारिक कोई घोषणा नहीं की गयी है बस अटकलें ही लगाई जा रही है।

यही वजह है कि सपा सहित विपक्षी दलों के लोग पूरे कार्यक्रम पर ही सवाल उठा रहे है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को आजमगढ़ आ रहे है। प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक पीएम को यहां पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करना है। इसके अलावा वे जनसभा को संबोधित करेंगे।

पीएम का कार्यक्रम घोषित होने के बाद से ही विवादों में घिर गया है। पहले तो प्रधानमंत्री की सभा मंदुरी हवाई पट्टी पर हो रही है। लोगों का मानना है कि इससे हवाई पट्टी को क्षति पहुंचेगी। विपक्ष तो इसे राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकारी संपत्ति का दुरूपयोग मान रहा है।

दूसरी तरफ एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास पर भी सवाल उठ रहा है। कारण कि पूर्व की सपा सरकार ने अपने अंतिम बजट में समाजवादी एक्सप्रेस-वे की घोषणा की थी। 22 दिसंबर 2016 को तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में इसका शिलान्यास कर दिया था। सपा सरकार में ही भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया था। वर्ष 2017 में यूपी में बीजेपी की सरकार बनी तो इसका नाम बदलकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कर दिया गया। सरकार ने अपने पहले बजट में इसके निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रूपया दिया है।


अब इसके शिलान्यास के लिए 14 जुलाई को पीएम मोदी आ रहे हैं। पीएम के कार्यक्रम की घोषणा के बाद ही सपाई इसे लेकर मुकर हो चुके हैं। मुलायम सिंह की सरकार में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रहे रामआसरे विश्वकर्मा, शिब्ली कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पप्पू यादव आदि ने कार्यक्रम के औचित्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। इनका कहना है कि जिसका शिलान्यास दो साल पहले हो चुका है उसका दोबारा शिलान्यस का क्या मतलब है। वास्तव में पीएम को इसका लोकापर्ण करना चाहिए था।

वहीं सपा के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मंत्री बलराम यादव ने घोषणा किया है कि 12 जुलाई को मेहता पार्क में समाजवादी पार्टी की सभा होगी इसमें पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जैसी योजना लाने के लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव का धन्यवाद ज्ञापित किया जाएगा।


राजनीति के जानकार इसे सपा द्वारा प्रधानमंत्री के सभा का विरोध के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि धन्यवाद ज्ञापित करना एक बहाना है। इसके जरिये सपा के लोग जिले के लोगों को यह बताना चाहते हैं कि अखिलेश के काम को बीजेपी सरकार अपना बताकर भुनाना चाहती है। सब मिलाकर पीएम की रैली और सपा का विरोध का तरीका दोनों ही चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

BY- RANVIJAY SINGH

 

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