दिव्यांगों जनों के लिए बड़ी सुविधा, वाहन के लिए मिलेंगे 25 हजार रुपए

-08 मार्च 2021 तक वेव पोर्टल http// hwd.uphq.in पर किया जा सकता है आवेदन

-80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोग कर सकते हैं आवेदन

-दिव्यांगों जन अगर चाहते हैं मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल को तत्काल करें आनलाइन आवेदन, मिलेगा 25 हजार रुपये

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग जिनका शरीर कमर के उपर का हिस्सा ठीक हो और उनकी दृष्टि अच्छी हो उन्हें सरकार ने निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल देने का फैसला किया है। योजना का लाभ लेने के लिए विभाग का चक्कर काटने की जरूरत नहीं है बल्कि दिव्यांगजन घर बैठे इसके लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 8 मार्च निर्धारित की गयी है। कोई भी दिव्यांग वेव पोर्टल http// hwd.uphq.in पर आनलाइन आवेदन कर, आवेदन पत्र समस्त संलग्नकों सहित कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विकास भवन आजमगढ़ में जमा कर सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ल ने बताया कि दिव्यांगजनों को निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दिये जाने है। नियमावली में प्रदत्त नियमों व निर्देशों के अनुसार पात्र एवं इच्छुक दिव्यांगजन 08 मार्च 2021 तक वेव पोर्टल http// hwd.uphq.in पर आनलाइन आवेदन कर आवेदन पत्र समस्त संलग्नकों सहित कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विकास भवन आजमगढ़ में जमा कर सकते हैं। निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजनान्तर्गत लाभ लेने के लिए ऐसे दिव्यांगजन जो मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाॅलिसी, हीमोफिलिया आदि से ग्रसित हो या व्यक्ति उपर्युक्त की भाँति शारीरिक स्थिति में हो, उनकी अच्छी दृष्टि हो, मानसिक स्थिति अच्छी हो, कमर के उपर का हिस्सा (भाग) स्वस्थ्य हो ऐसे दिव्यांगजन मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल पर बैठकर अपने हाथों से उपकरण का संचालन करने में सक्षम हो वे आवेदन कर सकते है। आवेदक के पास चिकित्साधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र होना जरूरी है जिसमें उसकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक हो।

नियमावली के अनुसार प्रत्येक दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के वास्तविक मुल्य का अधिकतम 25000 रुपये अनुदान दिया जाएगा। यदि मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की कीमत 25000 से अधिक है तो अतिरिक्त धनराशि का प्रबन्ध स्वयं दिव्यांगजन को करना होगा। जिसकी भरपाई सांसद निधि, विधायक निधि या सीएसआर के माध्यम से करानी होगी। ऐसे दिव्यांगजन जिनकी आयु 16 वर्ष या 16 वर्ष से अधिक है एवं जनपद के स्थायी निवासी है तथा उनकाया उनके परिवार की समस्त श्रोतों से वार्षिक आय 180000 अधिक नहीं है वे इसके लिए पात्र माने जाएंगे। ऐसे दिव्यांगजन जो हाईस्कूल या उच्चतर कक्षाओं में अध्ययनरत हैं, उनको वरीयता प्रदान की जायेगी। जिसके सम्बन्ध में संस्थान के संस्थाध्यक्ष द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। योजना प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्वान्त के आधार पर लाभान्वित किया जायेगा। पात्र दिव्यांगजन यूडीआईडी (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जनपद स्तर पर तकनीकी समिति द्वारा शारीरिक स्थिति की सक्षमता का भौतिक परीक्षण होने के उपरान्त पात्र पाये जाने पर अनुमोदन समिति द्वारा अनुमोदनोपरान्त कार्यवाही की जायेगी।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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