मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ को दिया ई-हॉस्पिटल का तोहफा

मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ को दिया ई-हॉस्पिटल का तोहफा

Ashish Kumar Shukla | Publish: Jan, 24 2018 06:17:19 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

पहले ही दिन ध्वस्त हुई व्यवस्था

रणविजय सिंह की रिपोर्ट...

 

आजमगढ़. प्रदेश सरकार की नजरें मुलायम सिंह यादव के आजमगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की आधिकारिक घोषणा के बाद जनपद पर इनायत हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बड़ा तोहफा दिया। सीएम ने लखनऊ से ही बटन दबाकर जिला अस्पताल में ई-अस्पताल सेवा की शुरुआत की। हालांकि, पहले ही दिन यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सरवर व तकनीकी समस्या का हवाला देकर अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण का कार्य मैनुअली किया गया।


सरकार की इस पहल से मरीजों अब पंजीकरण कराने एवं जांच रिपोर्ट आदि के लिए अस्पताल में इधर-उधर भटकने से निजात मिल जाएगी। अस्पताल में यह सेवा शुरू भी हुई लेकिन कुछ समय बाद बंद कर दी गई। बताया गया कि तकनीकी खराबी आ गई है। दिन भर में ओपीडी में छह सौ मरीजों का पंजीकरण हुआ, लेकिन तमाम लोगों का पंजीकरण मैनुअली किया गया। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जीएल केसरवानी ने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कत आई है, उसे ठीक कर जल्द ही सेवा बहाल कर दी जाएगी। इस सुविधा के शुरू हो जाने से अब रोगियों द्वारा कराई जानेवाली जांच की रिपोर्ट संबंधित चिकित्सक के कंप्यूटर में फीड हो जाएगी जिससे मरीज को अब काफी भागदौड़ नहीं करनी होगी।

 

मरीजों ने सराहा, जताई खिन्नता भी

 

उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे लोगों ने प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस सुविधा की सराहना की। जनता ने जिला अस्पताल के प्रशासन से जुड़े लोगों की कार्यप्रणाली पर खिन्नता भी प्रकट की।

 

यह हैं फायदे

 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ जिला अस्पताल समेत कई जिलों के अस्पतालों में ई-हाॅस्पिटल सुविधा का शुभारंभ किया। इसके तहत अब मरीज के संबंध में सारी जानकारी कंप्यूटर में ही फीड़ होनी है। इस सेवा का सबसे बड़ा लाभ है कि अब मरीज को जांच रिपोर्ट आदि के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बल्कि रजिस्ट्रेशन के आधार पर ही उनकी जांच रिपोर्ट संबंधित डाॅक्टर के कंप्यूटर में पहुंच जानी है। ऐसा माना जा रहा है कि इस सिस्टम से पारदर्शिता आएगी। चिकित्सक जहां बाहर से कम जांच लिखेंगे वहीं दवाओं का ब्यौरा भी इसमें फीड़ होगा। जिससे अस्पताल में दवाएं उपलब्ध ना होने की बहानेबाजी पर भी लगाम लगेगी।

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