भाजपा के पूर्व मंत्री का दावा, अनुसूचित जाति के विकास में वरदान साबित होगी भाजपा सरकार की योजना

यूपी में हर साल एक करोड़ अनुसूचित बच्चों को मिलेगी मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति

योजना में 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत होगी राज्य सरकार की हिस्सेदारी

योजना को पारदर्शी बनाने तथा हर जरूरतमंद को लाभ देने के लिए बनायी गयी विशेष योजना

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके विधायक श्रीराम सोनकर ने दावा किया कि भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गयी मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना अनुसूचित जाति के शैक्षिक विकास में बरदान साबित होगी। इस योजना का लाभ लेकर छात्र आसानी से उच्च शिक्षा अर्जित कर सकेंगे। यूपी में प्रति वर्ष एक करोड़ छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे।

भाजपा जिला कार्यालय पर रविवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगले पांच वर्षों में 5 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दी है। ताकि वे उच्च शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें। मंत्रिमंडल ने 59048 करोड रुपए के कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है। जिसमें से केंद्र सरकार 35534 करोड़ रूपये यानि 60 प्रतिशत खर्च करेगी और शेष राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाएगी। यह स्कीम मौजूदा प्रतिबद्ध देयता प्रणाली को स्थापित करेगी और इस महत्वपूर्ण स्कीम में केंद्र सरकार की भागीदारी अधिक होगी ।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनसंख्या के शैक्षिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एससी छात्रों के लिए मैट्रिककोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम भारत सरकार का सर्वाधिक एकल हस्तक्षेप है। केंद्र सरकार इन प्रयासों को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि 5 वर्ष की अवधि के भीतर जीईआर (उच्चतर शिक्षा) राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सके। मंत्रिमंडल ने इस स्कीम के उपयुक्त कार्यान्वयन पर अधिक जोर दिया है ताकि समय पर भुगतान किया जा सके। व्यापक जवाबदेही निरंतर निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इस दिशा में मंत्रिमंडल ने निम्नलिखित संशोधन अनुमोदित किए हैं।

1- गरीब से गरीब परिवार के दसवीं कक्षा के उत्तीर्ण छात्रों को अपनी इच्छानुसार उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों में नामित करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। अनुमान है कि 1.36 करोड़ ऐसे सबसे गरीब छात्र जो वर्तमान में दसवीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा को जारी नहीं रख सकते हैं को अगले 5 वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।

2-यह स्कीम सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संचालित की जाएगी जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही, कार्य क्षमता तथा बिना विलम्ब के समयबद्ध सहायता सुनिश्चित हो। राज्य पात्रता, जातिगत स्थिति, आधार पहचान तथा बैंक खाता के ब्योरे की ऑनलाइन पोर्टल पर अभेद्य जांच करेंगे ।

3 - इस स्कीम के अंतर्गत छात्रों को वित्तीय सहायता का आहरण डीबीटी मोड के माध्यम से और अधिमान्यता आधार सबल भुगतान प्रणाली को प्रयोग मे लाकर किया जाएगा। वर्ष 2021-22 में यह योजना प्रारंभ होगी। केंद्रीय सहायता जो वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 के दौरान लगभग 1100 करोड रुपए प्रति वर्ष थी उसे वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान 5 गुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 5000 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष किया जाएगा।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह नन्हकू राम सरोज, विनोद उपाध्याय, पुनम सिंह आनन्द सिंह, मयंक गुप्ता, राजीव शुक्ला, अभिनव श्रीवास्तव, विवेक निषाद, विनय प्रकाश गुप्त, मृगांक शेखर सिन्हा, धर्मेन्द्र सिंह, दीपक चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।

BY Ran vijay singh

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रफतउद्दीन फरीद
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