बुरी खबर: प्रमाण पत्रों में हेरा-फेरी कर नौकरी पाने वाले इतने शिक्षकों की जाएगी नौकरी!

बुरी खबर: प्रमाण पत्रों में हेरा-फेरी कर नौकरी पाने वाले इतने शिक्षकों की जाएगी नौकरी!
प्रतीकात्मक फोटो

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 11 Jul 2019, 02:55:05 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

  • प्रजांच समिति ने ऐसे सभी शिक्षको को नोटिस भेजकर मांगा स्पष्टीकरण।

आजमगढ़. प्रमाण पत्रों में हेराफेरी कर 2010 के बाद परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति पाए सहायक अध्यापकों की नौकरी जा सकती है। वजह कि, इस प्रकरण की जांच के लिए शासन ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर रखी है। टीम में एसपी सिटी के साथ ही एडी बेसिक शामिल हैं। अब तक हुई जांच में 18 शिक्षक फर्जी चिह्नित किए गए हैं। उन्हें नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण लेने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होगी।

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बता दें कि वर्ष 2010 से अब तक जिले में चार हजार से अधिक शिक्षकों की तैनाती हुई है। शासन ने इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के जांच का निर्देश दिया है। शासन के निर्देश पर एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में जांच टीम गठित हुई है। जांच टीम ने नियुक्ति प्राधिकारी बेसिक शिक्षाधिकारी के यहां से सभी नियुक्त शिक्षकों का डाटा एडी बेसिक कार्यालय पर मंगा लिया है। यहां से शिक्षकों का डाटा संबंधित स्कूल, विश्वविद्यालय व संस्थाओं पर भेज कर उसका सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक पूर्ण हो चुके सत्यापन में डेढ़ दर्जन फर्जी शिक्षक चिन्हित किए जा चुके हैं।

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वहीं दूसरी तरफ जांच कमेटी द्वारा कराए जा रहे सत्यापन में एक शिक्षक सुदर्शन राम को भी फर्जी चिन्हित कर लिया गया था। लेकिन पुनः हुई जांच में वह सही पाया गया। उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र राजकीय इंटर कॉलेज के थे और गलती से सत्यापन के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पर भेज दिये गये थे। जहां से उक्त अनुक्रमांक का न होना बताया गया। जिसके आधार पर सुदर्शन को फर्जी चिन्हित किया गया था। बाद में जीआईसी से सत्यापन होने पर वह सहीं पाया गया।

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इसके बाद जांच कमेटी ने निर्णय लिया कि 2010 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों के समस्त शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों का सत्यापन वाहक भेज कर कराया जाय। इसमें संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी व डॉ. भीम राव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा का सत्यापन पहले कराया जाय। कमेटी ने बीएसए को निर्देशित किया है कि 2010 के बाद नियुक्त शिक्षकों में से कुल कितने शिक्षक ऐसे है जो अपना नियुक्ति पत्र कार्यालय से प्राप्त किये और कितने शिक्षकों को पंजीकृत डाक के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिया गया। इसका डाटा वर्षवार तैयार कर उपलब्ध कराये। यह डाटा बीएसए कार्यालय द्वारा तैयार कर लिया गया है। माना जा रहा है कि आगे की जाचं में कुछ और शिक्षक फर्जी पाए जा सकते है।

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अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र सिंह का कहना है कि अब तक की जांच में 18 शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों में हेराफेरी प्रकाश में आयी है। इन शिक्षकों को नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद बर्खास्तगी व वसूली की कार्रवाई शुरू की जायेगी। आगे की जांच में क्या होगा अभी कह पाना संभव नहीं है।

By Ran Vijay Singh

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