बदले मौसम ने किसानों की बढ़ाई मुसीबत, बरसात से कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित

- किसानों पर फिर हुआ वज्र पात, मौसम का रूख देेख उड़े किसानों के होश
- पुरूवा हवा और आसमान में छाये बादल से लोेगों की सांसे अटकी
- आधी व बरसात के डर से सहमा है किसान, कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित

By: Abhishek Gupta

Published: 18 Apr 2020, 09:18 PM IST

आजमगढ़. लॉकडाउन के कारण किसान की परेशानियां कम नहीं थी कि अब मौसम दोहरी मार देने लगा है। शनिवार की सुबह बदले मौसम के मिजाज एवं बूंदाबादी ने किसानों के होश उड़ा दिए। सारे काम छोड़ लोग फसलों को ढ़कते नजर आये। यह अलग बात है कि कुछ घंटों में ही मौसम ने करवट ली और तेज धूप खिल उठी। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन आसमान में छाये काले बादल और पुरवा हवा के बीच धूप-छाव का खेल लोगों की धड़कन बढ़ा रहा है। बरसात और आंधी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इससे किसान सहमा हुआ है। अगर बारिश हुई तो किसानों की रही सही उम्मीद भी टूट जाएगी।

बता दें कि रबी के फसलों की कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है। लॉकडाउन के कारण मजदूरों की कमी के बीच किसान खुद अपनी फसलों को सुरक्षित करने के प्रयास में जुटा है। वहीं जिनकी मड़ाई का कार्य पूरा हो चुका है, वे अपने उत्पाद को घर में सुरक्षित करने अथवा क्रय केंद्र पर पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन मौसम एक बार फिर उनके रास्ते में रोड़ा बन रहा है।

शनिवार को दिन निकलने के साथ ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बूंदाबादी शुरू हो गयी। इससे मड़ाई का कार्य पूरी तरह रूक गया। कारण कि फसल हल्की बरसात में ही नरम हो गयी। दिन में दस बजे के बाद धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन आसमान में बादल छाये रहे। अगर बरसात होती है तो खेत में काट कर छोड़ी गयी फसल सड़ जाएगी। यहीं नहीं जो फसल मशीन से काटी गयी है, वह भी जमीन पकड़ लेगा और सड़ने लगेगा। इससे किसान भूसा नहीं बनवा पाएगा। अगर भूसा नहीं बना तो पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो जाएगा। इससे किसान और सहमा हुआ है। यहीं नहीं अगर आंधी आती है तो आम की बची हुई फसल भी तबाह हो जाएगी।

कृषि वैज्ञानिक डा. आरपी सिंह का कहना है कि मौसम का रूख किसानों के हक में नहीं है। हल्की सी बरसात भी किसानों के सपने तोड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि जो समय मिल रहा है उसी में जितनी जल्दी हो सके किसान अपनी फसलों को सुरक्षित करें।

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Abhishek Gupta Desk/Reporting
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