करोड़ों के सिस्टम मौजूद, फिर भी दूषित जल पीने को मजबूर हैं आजमगढ़ के लोग

  • लोग दूषित पानी पीकर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

आजमगढ़. जिले में शुद्ध पेयजल एक बड़ी समस्या है। विभिन्न ब्लाकों के दो दर्जन से अधिक गांव ऐसे है जहां पानी में फ्लोराइड की मात्रा मानक से अधिक है। लोग यह पानी पीकर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में संभावना इस बात की भी है कि कुछ और गांवों के पानी में फ्लोराइड व अन्य हानिकारक पदार्थो की मात्रा मानक से अधिक हो लेकिन यहां करोड़ों की लागत से बना लैब पूरी तरह बेकार साबित हो रहा है। लैब में न कर्मचारी मिलते हैं और ना ही अधिकारी। शासन ने जिले के 1385 स्थानों से पानी का नमूना लेकर जांच का निर्देश दिया है लेकिन पहले सेंपलिंग न होने का कारण चुनाव बनाया गया और अब आज कल कर टाला जा रहा है। जबकि नमूना बरसात से पहले ही लेना था।

 

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फ्लोराइड वाटर लैब IMAGE CREDIT:

 

वैसे नमूने की जांच बाद ही दूषित पेयजल के बारे में बहुत कुछ स्पष्ट हो पाएगा फिलहाल यही कहा जा रहा है कि जनपद में 40 फीट नीचे तक का पानी दूषित हो चुका है। बोरिग 180 से 200 फीट करने के बाद ही पीने योग्य पानी मिल रहा है। पानी कितना शुद्ध है। किस स्टेटा पर पानी की क्या स्थिति है यह आमजन को पता नहीं है। जलनिगम विभाग में पानी की शुद्धता की जांच के लिए प्रयोगशाला की स्थापना है। करोड़ों रुपये के सिस्टम लगे है। कर्मचारियों की तैनाती भी है। फिर भी यहां जांच नहीं होती है। जांच होती भी होगी तो कभी रिपोर्ट सार्वजिनक नहीं की गई। यह शो पीस बना हुआ है। ऐसे में विभाग नमूना कैसे करके शासन को भेजेगा, किसी के गले नहीं उतर रहा है।

 

वर्ष 1997 प्रयोगशाला की स्थापना हुई। केमिस्ट अरविद चतुर्वेदी, लैब असिस्टेंट विजय शंकर श्रीवास्तव, जीवाणु वैज्ञानिक वंदना गौतम, सेम्पल कलेक्टर, डाटा इंट्री आपरेटर विजय प्रकाश यादव तैनात किए गए हैं। करोड़ों रुपये के उपकरण पानी जांचने को रखे गए हैं। अच्छा खासा बजट भी आता है लेकिन यहां सिर्फ कागज पर काम चल रहा है। अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि बरसात से पहले नमूना का निर्देश शासन द्वारा दिया गया था लेकिन बरसात शुरू होने के बाद भी नमूने नहीं लिए जा सके है। अधिशासी अभियंता जलनिगम एसके सिंह यादव का कहना है कि पिछले दिनों चुनाव में डियुटी लगने के कारण नमूना लेने का कार्य प्रभावित हुआ था लेकिन अब नमूना एकत्र किया जा रहा है। शासन की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों से 1385 पानी के नमूनों की जांच करने के लिए लक्ष्य दिया गया है यह जल्द ही पूरा हो जाएगा।

By Ran Vijay Singh

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रफतउद्दीन फरीद
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