कांग्रेस के पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने किया है 52 एकड़ भूमि पर कब्जा, ग्रामीणों ने की खाली कराने की मांग

पूर्व विधायक पर 52 एकड़ सार्वजनिक भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए उनके गांव के ही लोगों ने गुरुवार को एसपी और डीएम को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने सार्वजनिक भूमि खाली करने तथा जान माल की सुरक्षा करने की मांग की।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. कांग्रेस के पूर्व विधायक अब्दुल कलाम पर अपने ही पैतृक गांव तरकुलहा में 52 एकड़ सार्वजनिक भूमि के कब्जे का आरोप लगाया है। गांव के प्रधान सहित कुछ लोगों ने गुरुवार को डीएम एसपी से मुलाकात कर अवैध कब्जे को खाली कराने तथा जाम माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

ग्रामीणों का आरोप था कि फूलपुर तहसील क्षेत्र के तरकुलहा ग्राम सभा में पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने 52 एकड़ सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर रखा है। गांव के राधेमोहन पुत्र रामपरित व ग्राम प्रधान रेखा यादव के मुताबिक 1994 में ग्राम सभा की 52 एकड़ सार्वजनिक भूमि जो अन्य लोगो के नाम थी, ग्राम सभा के पक्ष में करने का आदेश दिया था। डीडीसी के आदेश के विरूद्ध पूर्व विधायक व भू माफिया उच्च न्यायालय जाकर ग्राम सभा के नाम अमलदरामद करने से रोकने के लिए स्थगन आदेश ले लिया। न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश लाने के बाद भू-माफिया व पूर्व विधायक ने 11 जनवरी 2015 को सार्वजनिक पोखरी की जमीन को असरफिया एजुकेशनल विद्यालय के नाम करवा लिया।

इसकी शिकायत तहसील फूलपुर एसडीएम से की गयी तो तहसीलदार द्वारा जांच करने के बाद 19 फरवरी 2015 को गाटा संख्या 99/173/171घ/170च पोखरी की जमीन को असरफिया एजुकेशनल विद्यालय सहीं पाया गया। तहसीलदार के जांच के बाद भू-माफिया ने सरकारी गाटों से विद्यालय का नाम कटवा लिया लेकिन गाटा संख्या 170च सार्वजनिक पोखरी की जमीन आज भी फर्जी तरीके से कागजों में असरफिया एजुकेशनल विद्यालय चल रहा है। इतना हीं नहीं ग्राम सभा की गाटा संख्या 168 रकबा 3.304 एकड़ सरकारी भूमि को फर्जी प्रवृष्टि कराने के मामले में फूलपुर थाने में पूर्व विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

प्रधान रेखा यादव ने जानमाल की रक्षा की गुहार लगाते हुए जिला प्रशासन से मांग किया कि ग्राम सभा की समस्त सार्वजनिक भूमि को भू माफिया व विधायक से खाली कराकर 52 एकड़ सार्वजनिक भूमि को डीडीसी द्वारा जारी 1994 के आदेश का पालन कराते हुए ग्राम सभा के पक्ष में अमलदरामद कराया जाय।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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