40 लापरवाह लेखपाल के खिलाफ बनेगी चार्जशीट, होंगे बर्खास्त

40 लापरवाह लेखपाल के खिलाफ बनेगी चार्जशीट, होंगे बर्खास्त
Dm meeting

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने प्रत्येक तहसील में 5-5 निष्क्रिय लेखपाल चिन्हित कर उन्हे चार्जशीट जारी करने का निर्देश दिया

आजमगढ़. योगी सरकार के आदेश के बाद प्रशासन ने लापरवाह अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सबसे पहले गाज गिरेगी निष्किय लेखपालों पर। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने प्रत्येक तहसील में 5-5 निष्क्रिय लेखपाल चिन्हित कर उन्हे चार्जशीट जारी करने का निर्देश दिया है। 50 वर्ष आयु से अधिक ऐसे लेखपालों को स्क्रीनिंग कमेटी के सम्मुख प्रस्तुत कर उन्हे राजकीय सेवा से बर्खास्त कराया जायेगा। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद लेखपालों में हड़कंप मचा हुआ है।


कलेक्‍ट्रेट सभागार में मंगलवार को राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा हटाने, पट्टा आवंटन करने सम्बन्धित निर्देश दिये गये थे परन्तु उन्होंने इस प्रकार का कोई कार्य नहीं किया है। कुछ  लेखपालों के पास भूमि विवाद सम्बन्धी सर्वाधिक मामले लम्बित है। ऐसे लेखपालों को चिन्हित करके एसडीएम सूची मुख्य राजस्व अधिकारी को भेजें।


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चकमार्ग, तालाब एवं सार्वजनिक भूमि से सभी अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया। राजस्व कार्यो की समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि अवैध अतिक्रमण करने वाले के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराये तथा विधिक कार्यवाही करें ताकि वह दुबारा अतिक्रमण न करें। जिलाधिकारी ने यह कार्य 31 जुलाई तक पूरा करने का निर्देश दिया हैं।


उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि वे तहसील में जाकर इनके कर्यो की समीक्षा करें जिससे अवैध अतिक्रमण हटाना, भूमि विवादों का निस्तारण, मुकदमों का निपटारा, बकायेदारों से वसूली प्रमुख है। इसके आधार पर शिथिलता बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्‍तावित करें।


उन्होंने कहा कि एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) जन सुनवाई के मामले, ऑनलाइन दर्ज शिकायतें, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करें। प्रत्येक उप जिलाधिकारी स्वंय इस पोर्टल को देखे तथा निस्तरण करायें। समय से आख्या न देने वालों को विरूद्ध कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि मुकदमों के निस्तारण में ढिलाई हो रही है एसडीएस एवं तहसीलदार नियमित कोर्ट नही कर रहे है। 4000 से अधिक मुकदमे सभी तहसीलों में लम्बित है निस्तारण की गति धीमी है, इसमें तेजी लायें।



उन्होंने कहा कि किसान ऋण माफी योजना में प्रत्येक तहसील में कन्ट्रोल रूम बनेगा। इससे सम्बन्धित प्रत्येक शिकायत का निस्तारण एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि इससे सम्बन्धित कोई मामला लखनऊ नही पहुंचना चाहिए इसलिए इन मामलों को गम्भीरता से निपटायें। इसके पूर्व बैंक से सूची प्राप्त होने पर भूलेख रिकार्ड से मिलान कराना होगा जिसके लिए 10 दिन का समय दिया गया है। सभी एसडीएम सक्षम राजस्व कार्मियों की एक समिति गठित कर लें।
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