फ्राड के आरोपी ब्लाक प्रमुख ठाकुर मनोज ने पत्नी से की मारपीट, थाने में पंचायत

पत्नी के नाम पर मनोज ने लिया है 50 ये अधिक का लिया है कर्ज, वापस करने का दबाव बनाने पर करता है मारपीट

By: Devesh Singh

Published: 25 Apr 2018, 01:35 PM IST

रिपोर्ट-रणविजय सिंह
आजमगढ़. फ्राड के कई मामलों में जेल जा चुके मार्टीनगंज के ब्लाक प्रमुख ठाकुर मनोज सिंह एक बार फिर आरोपों में घिर गए है। इस बार आरोप किसी और ने नहीं बल्कि उनकी पत्नी ने लगाया। मनोज की पत्नी ने थाने में तहरीर देकर कहा है कि ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ने के लिए मनोज ने उसके नाम पर 50 लाख रूपये कर्ज लिया था। अब कर्ज अदा नहीं कर रहा। मांगने पर उसके पति, सास और देवर ने उसके साथ मारपीट की। पिछले 15 वर्षों से उक्त लोग लगातार उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में सुलह समझौते का प्रयास कर रही है जबकि मनोज की पत्नी एफआईआर की जिद पर अड़ी हुई है।
बता दें कि दीदारगंज थाना क्षेत्र के आमगांव निवासी मनोज सिंह पुत्र स्व. रघुपति सिंह मार्टीनगंज ब्लाक के क्षेत्र पंचायत प्रमुख हैं। मनोज की पत्नी सावित्री मनोज सिंह का आरोप है कि ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ने के लिए ठाकुर मनोज ने मुंबइ्र में उसके नाम पर 50 लाख रूपये का कर्ज लिया था। लंबा समय होने के बाद भी मनोज ने कर्ज वापस नहीं किया तो कर्ज देने वालों ने दबाव बनाना शुरू किया। इसके बाद मनोज आजमगढ़ भाग आया। मनोज के फरार होने के बाद अब कर्ज अदायगी के लिए लोग उसे परेशान कर रहे है।

इसी मुद्दे पर बातचीत के लिए वह 17 अप्रैल को आमगांव आयी थी। जब उसने कर्ज वापस करने की बात कही तो मनोज ने मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद अपने छोटे भाई को भी मुंबई से बुला लिया। मंगलवार की सुबह मनोज के भाई और उसकी मां ने मनोज के सामने ही उसे मारा पीटा और हत्या का प्रयास किया। इस दौरान मनोज की मां ने आरोप लगाया कि दोनों बच्चें भी उसके बेटे के नहीं है। मजबूर होकर उसने थाने पर तहरीर दी लेकिन मनोज सिंह के प्रभाव में थानाध्यक्ष ने मामला पंजीकृत नहीं किया।
सावित्री के मुताबिक मनोज से उसकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी। तभी से परिवार के लोग उसका उत्पीड़न कर रहे है। उत्पीड़न से परेशान होकर वह 2015 तक मनोज से अलग रही लेकिन मनोज ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय अपना हित साधने के लिए साथ रखना शुरू किया लेकिन चुनाव के बाद फिर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। उक्त लोग कभी भी उसकी हत्या कर सकते हैं। इस मामले में थानाध्यक्ष मंजय सिंह का कहना है कि यह पति पत्नी के बीच का विवाद है। सावित्री जी गुस्से में गुस्सा समाप्त होने पर सब ठीक हो जाएगा। ऐसा कोई मामला नहीं है जिसमें एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाय। दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर रहे हैं।

Devesh Singh
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