अपराधियों के सामने मेमना साबित हो रही पुलिस अब दिव्यांगों पर निकाल रही गुस्सा

दबा लेकर लौट रहे दिव्यांग को बेवजह पुलिस ने की पिटाई, वीडियो वायरल

सीएम को वीडियो ट्वीट करने के बाद तूल पकड़ा मामला, सीओ सिटी को सौंपी गयी जांच

28 अक्टूबर को मुबारपुर कस्बें में दवा लेकर लौट रहे दिव्यांग की पुलिस ने की पिटाई

आजमगढ़ पुलिस के ट्वीटर एकाउंट पर अपलोड है वीडियो लेकिन अधिकारियों का दावा नहीं देखी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

आजमगढ़. पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है। वैसे तो यहां की पुलिस कभी दबंगों के हाथ पिटकर चुपचाप चली आती है तो कभी बंधक बन जाती है लेकिन जब इनके सामने कोई कमजोर या निबर्ल आ जाता है तो यह शेर बन जाती है। ताजा वाकया मुबारकपुर कस्बे का हैं। यह दवा लेकर घर लौट रहे एक दिव्यांग को पुलिस ने बिना किसी अपराध के बेरहमी से पीट दिया। दिव्यांग को कई जगह गंभीर चोटे आयी। जब किसी ने घटना की वीडियो बनाकर सीएम योगी और उच्चधिकारियों को ट्वीट कर दिया तो पुलिस यह कहती नजर आयी कि युवक विक्षिप्त है। बहरहाल मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं और मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी है लेकिन मामले में लीपापोती जारी है। वीडियो आजमगढ़ पुलिस के ट्वीटर एकाउंट पर पड़ी है लेकिन अधिकारी यह दावा करते फिर रहे हैं उन्होंने वीडियो देखी ही नहीं है।

मुबारकपुर थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बा के हैदराबाद मुहल्ला निवासी विष्णु मोदनवाल पैर से दिव्यांग है। 28 अक्तूबर की रात वह दवा लेकर घर लौट रहा था। उसी दौरान पुलिस नगर पालिका के पास पुलिस चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने विष्णु को रोक लिया जब विष्णु ने रोकने का कारण पूछा तो उसकी पिटाई शुरू कर दी गयी। इतना ही नहीं दिव्यांग को घसीटते हुए चैकी पर ले गए। वहां भी उसकी पिटाई की गई। घंटे भर उसे चैकी पर बैठाये रखा गया।

जब घंटों बाद पुलिस ने उठे छोड़ा तो दिव्यांग घर पहुंचा और लोगों को शरीर पर लगी चोट दिखया। जिसका किसी ने वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मुबारकपुर पुलिस सकते में आ गई और आनन-फानन में कुछ लोगों के सोशल नेटवर्किंग साइटों से उसे डिलीट भी करवाया गया। इतना ही नहीं दिव्यांग को थाने पर बुला कर समझौता पत्र भी लिखवा लिया गया।

इस बीच वायरल वीडियो को देख कर एक सोशल एक्टिविस्ट फहीम ने इसकी शिकायत सीएम व आजमगढ़ पुलिस के ट्विटर पर कर दी। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी। मामला तूल पकड़ता दिखा तो पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी।

यही नहीं चैकी प्रभारी मुबारकपुर कमलनयन दूबे ने पिटाई से घायल दिव्यांग को मानसिक रोगी बता दिया, जबकि युवक के परिजनों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस की पिटाई से घायल युवक मानसिक रोगी नहीं है बल्कि पैर से दिव्यांग है। यही नहीं उच्चाधिकारी भी मामले की लीपापोती में जुटे हुए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक नगर पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि वीडियो हमने देखा नहीं है। शिकायत मिली थी उसकी जांच करायी जा रही है। खास बात है कि वीडियो आजमगढ़ पुलिस के ट्वीटर एकाउंट पर भी ट्वीट की गयी है।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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