scriptHistory of Dakshin Mukhi Devi in Azamgarh | मां के दरबार में आने वाले की हर मुराद होती है पूरी, नवरात्र में लगता है मेला | Patrika News

मां के दरबार में आने वाले की हर मुराद होती है पूरी, नवरात्र में लगता है मेला

चैत नवरात्र शनिवार को शुरू होगा। पर्व की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। मंदिरों को भव्य रूप में सजाया जा रहा है। खासतौर पर दक्षिणमुखी देवी मंदिर को भव्य रूप दिया गया है। मान्यता है कि दक्षिणमुखी देवी के दर्शन मात्र से मन की मुराद पूरी हो जाती है। यही वजह है कि नवरात्र ही नहीं यहां साल के बारहो महीने भक्तों की भीड़ जुटती है।

आजमगढ़

Published: April 01, 2022 05:32:27 pm

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. चैत नवरात्र शनिवार को शुरू हो रहा है। भक्त तैयारियों में जुटे हुए है। जिला मुख्यालय पर एक ऐसा मंदिर है जहां मां के दर्शन मात्र से मनोकामना पूरी होती है। शहर के मुख्य चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां नवरात्र ही नहीं बल्कि साल के बारहों महीनें भक्तों का ताता लगा रहता है। मां की महिमा अपरंपार है। यहां हर दिन मां का भव्य श्रृंगार होता है। मां की छटा ही निराली होती है। नौ दिन तक चलने वाले विशेष श्रृंगार में दूरदराज के लोग भी शामिल होते हैं।

दक्षिणमुखी देवी
दक्षिणमुखी देवी

मान्यता है कि तमसा नदी कभी यहीं से गुजरती थी और उस समय पुजारी शरद तिवारी के पूर्वज यहीं बैठकर तपस्या कर रहे थे। उसी दौरान मां की प्रतिमा दिखी और उन्होंने प्रतिमा की स्थापना करा दी। तबसे अब तक इस परिवार का कोई न कोई मां का पूजन-अर्चन करता चला आ रहा है। दक्षिणमुखी देवी का मंदिर दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यहां तक कि शहर के लोग विध्य धाम रवाना होने से पहले यहां मत्था टेकना नहीं भूलते। शहर से बाहर रहने वाले भी नवरात्र में पहुंचकर मां का दर्शन करने का प्रयास करते हैं।

यहां दर्शन कर श्रद्धालु अपने आप को धन्य समझते हैं। देवी मंदिर की महिमा अपरंपार है। यहां श्रद्धालुओं की हर मुरादें पूरी होती हैं। सुबह-शाम पूजन-अर्चन और आरती होती है। आरती के दौरान घंट घड़ियाल की ध्वनि सुनने को आस-पास के लोग भी जुट जाते हैं। नवरात्र माह में मां के कई रूप देखने को मिलते हैं। मां की ममता का बखान आम आदमी के वश की बात नहीं है। मंदिर को पूरी तरह से फूलों से सजाया गया है तथा सुबह-शाम समय से कपाट खोले जाएंगे। दोपहर में मंदिर बंद रहेगा। सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं का रेला लगना शुरू होता है जो देर रात तक चलता रहता है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.