scriptHow will poor study book and dress price increase by 30 percent | गरीब कैसे करेगा पढ़ाईः किताब से लेकर ड्रेस तक के दाम 30 प्रतिशत तक बढ़े | Patrika News

गरीब कैसे करेगा पढ़ाईः किताब से लेकर ड्रेस तक के दाम 30 प्रतिशत तक बढ़े

सरकार ने जहां निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है वहीं दूसरी तरफ महंगाई के कारण किताब, कापी और ड्रेस की कीमत में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गयी है। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाना मुश्किल दिख रहा है।

आजमगढ़

Published: April 11, 2022 01:02:50 pm

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. लगातार बढ़ रही महंगाई का असर अब शिक्षा पर पड़ने लगा है। सरकार द्वारा निजी स्कूलों में फीस वृद्धि से रोक हटाने के बाद स्कूल फीस में 10 प्रतिशत तक वृद्धि होनी तय है। वहीं दूूसरी तरफ अब ड्रेस, किताब और कापी के मूल्य में 30 फीसदी तक वृद्धि हो गयी है। यानि की अभिभावकों को अब दोहरी मार पड़नी वाली है। यही नहीं डीजल का दाम बढ़ने के कारण निजी स्कूल बस का किराया भी बढ़ाने के मूड में दिख रहे हैं। अगर ऐसा होता है परेशानी और बढ़ जाएगी।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

बता दें कि कोविड संक्रमण काल में तमाम लोगों की जहां नौकरी छूट गयी। वहीं आय के संसाधन भी सिमट गए। इस बीच लगातार बढ़ी महंगाई के कारण आम आदमी के लिए जरूरत पूरी करनी मुश्किल हो गयी है। लोग किसी तरह अपनी जरूरतों को पूरी कर रहे हैं। अब एक बार फिर लोगों को बड़ा झटका लगता दिख रहा है।

अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगी रोक को हटा लिया है। वहीं दूसरी तरफ अब पुस्तक और ड्रेस, जूता आदि के कीमत में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गयी है। ऐसे में अभिभावकों की दिक्कत काफी बढ़ती दिख रही है। स्कूली बैग की कीमत में सौ से डेढ़ सौ रुपये का इजाफा हुआ है। फुटवियर पर जीएसटी दर पांच से 12 फीसदी होने के बाद स्कूल शूज की कीमतों में 150 रुपये तक का इजाफा हुआ है।

जबकि कॉपी किताबों और स्कूल ड्रेस की दुकानों पर जाकर हाल जाना गया तो अभिभावकों का दर्द सामने आया। अधिकतर अभिभावकों का कहना है कि कोर्स में हर बार कुछ किताबें महंगे प्रकाशक की जोड़ दी जाती हैं। इस कारण जो किताब बाजार में 200 रुपये तक मिल सकती है, वो 400 से 450 रुपये में मिलती है। वहीं स्कूली बैग के भी दाम बढ़ गए हैं। ड्रेस भी महंगे हो गए हैं। ऐसे में पढ़ाई महंगी होती जा रही है। जिससे अभिभावकों पर बोझ बढ़ता जा रहा है।

अभिभावक राकेश राय, नायब यादव, अभिषेक मिश्र, राजेश कुमार आदि का कहना है कि पहले तो सरकार को चाहिए कि सभी निजी स्कूलों में एनसीआरटी की बुक लागू करे। इससे अभिभावकों का शोषण रुकेगा। आज ज्यादातर स्कूलों में मनमाने ढंग से खुद किताब से लेकर ड्रेस बेची जा रही है। किताब से लेकर ड्रेस तक के नाम पर खुलेआम शोषण किया जा रहा है। यही नहीं अब तक फीस भी बढ़ने वाली है। यही नहीं डीजल की महंगाई को देखते हुए बस का किराया भी बढ़ाने की बात की जा रही है। ऐसे में अपने बच्चे को अच्छे स्कूल में पढ़ाना मुश्किल होगा।

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