पति की हैवानियत से तंग आयी पत्नी, कहा या मुझे तलाक मिले या मौत

यूपी के आजमगढ़ में एक पत्नी अपने पति की हैवानियत से तंग आकर उससे तलाक चाहती है, तलाक न मिलने पर वह मर जाना चाहती है।

आजमगढ़. एक तरफ सरकार मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक और हलाला से निजात दिलाना चाहती है और दूसरी तरफ एक महिला खुद अपने पति के उत्पीड़न से छुब्द होकर तलाक चाहती है। पुलिस ने इसे कोर्ट का मामले बताते हुए पहले तो पल्ला झाड़ लिया बाद में अपर पुलिस अधीक्षक ने मामले को सुलझाने के लिए नई किरण प्रोजेक्ट में भेज दिया है। महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप है। महिला के मुताबिक चार दिन पूर्व उसके पति ने उसे बुरी तरह मारा पीटा खुद पुलिस उसे बचाकर ले आयी लेकिन कार्रवाई के नाम पर मामले में लीपापोती कर दिया। महिला का कहना है कि वह दस साल के उत्पीड़न से तंग आ चुकी है या तो उसे तलाक दिलाया जाय या फिर मौत दी जाय।


एसपी कार्यालय पहुंची बिलरियागंज थाना क्षेत्र के टिकरियां गांव निवासी महिला इशरत 32 पत्नी सहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि उसकी शादी वर्ष 2008 में शहाबुद्दीन से हुई थी। शहाबुद्दीन नकारा किस्म का इनसान है। उसका गांव के ही एक औरत से नाजायज संबंध है। वह कोई काम धंधा नहीं करता। मायके से पैसा मांगने के लिए उसे मारता पीटता है। पिछले दस साल से वह लगातार पिट रही है। उसकी चार पुत्री एक पुत्र है लेकिन वह बच्चों की देखरेख नहीं करता। मायके वालों की मदद से वह किसी तरह बच्चों को पाल रही है। इसके बाद भी उसका पति उसके मारता रहता है। वह चाहता है कि मेरे मायके वाले उसे हर महीने मोटी रकम दें लेकिन मायके वाले भी गरीब है। इसके बाद भी उसकी नाजायज मांग को पूरा करने क लिए मजबूर है।

 


शुक्रवार को उसके पति ने उसे बुरी तरह मारना पीटना शुरू तो उसने अपने मायके फोन किया। मायके के लोग पहुंचे तो उनपर भी हमला कर दिया गया। डायल-100 पर फोन करने के बाद भी पुलिस नहीं आयी। लोग किसी तरह जान बचाकर थाने पहुंचे लेकिन शहाबुद्दीन का मामा जो दबंग किस्म का उसके दबाव में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि ससुराल वालों ने उसे मारपीटकर कमरे में बंद कर दिया।
मायके वालों की काफी मिन्नत के बाद हल्के का सिपाही मौके पर आया और उसे कमरे से निकालकर थाने ले गया। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वह बच्चों के साथ मायके में है लेकिन उसका पति तरह तरह से धमकी दे रहा है। वह उत्पीड़न से इतनी छुब्ध हो चुकी है कि अब जीना नहीं चाहती। अगर बच्चों की फ्रिक न होती तो वह अब तक आत्महत्या कर चुकी होती। इशरत ने अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को ज्ञापन सौंप पति से तलाक दिलाने या फिर मौत देने की मांग की। पहले तो एएसपी ग्रामीण ने इसे न्यायालय का मामला बताया लेकिन महिला का दर्द सुनने के बाद इस ममाले को नई किरण प्रोजेक्ट में भेज दिया। अगले रविवार को दोनों पक्षों को पुलिस लाइन में पेश होना है।
By Ran Vijay Singh

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रफतउद्दीन फरीद
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