यूपी में फेल है एंटी भू माफिया टॉस्क फोर्स, अवैध कब्जा करने से पीछे नहीं हट रहे लैंड माफिया

यूपी में फेल है एंटी भू माफिया टॉस्क फोर्स, अवैध कब्जा करने से पीछे नहीं हट रहे लैंड माफिया
Land Mafia

दो दशक पहले से है कब्‍जा खाली कराने का आदेश, लेकिन मौन हैं तहसील के अधिकारी

आजमगढ़. यूपी चुनाव में भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई बड़ा मुद्दा था। सत्‍ता में आने के बाद सीएम योगी ने एंटी भू माफिया टॉस्‍क फोर्स का गठन किया और पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद जैसे कद्दावर के खिलाफ कार्रवाई हुई तो एकबारगी ऐसा लगा मानों अब आम आदमी को भू माफियाओं से निजात मिल जाएगी लेकिन सपा मुखिया मुलायम सिह यादव का गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ योगी की टॉस्‍क फोर्स पूरी तरह नाकाम है।


इस जिले में कई ऐसे मामले हैं जिसमें 1993 से 1995 के बीच तहसील प्रशासन ने कब्‍जा खाली कराने का आदेश दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं  की गई। यहां तक की शासन के हस्‍तक्षेप के बाद भी भूमाफिया भूमि पर काबिज है।कई नए मामले भी सामने आये है जिसमें लोग शिकायत करते रहे और पीडब्‍ल्‍यूडी की अधिकारी थाने को लिखते रहे लेकिन निर्माण नहीं रोका गया। अब वहां बिल्डिंग खड़ी हो चुकी है।



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सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित कोयरी के पोखरे पर दो दशक से अवैध कब्‍जा है। शहर के बेलइसा में रेलवे की भूमि पर करोड़ों की बिल्डिंग खड़ी कर कॉलेज चलाया जा रहा है। इसी तरह शहर के बागेश्‍वरनगर में ग्रीन लैंड में तीन दशक से कब्‍जा है। पिछले डेढ़ दशक से यहां करोड़ों की बिल्‍डिग खड़ी कर स्‍कूल चलाया जा रहा है। यह बिल्डिंग कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटाई गई और भूमाफिया को आगे अपील का मौका दे दिया। शहर में ऐसे दर्जनों कब्‍जे है जिसपर किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ रही है जब कोई शिकायत करता है तो उसे भी नजरअंदाज कर दिया जाता है।




बात करें ग्रामीण क्षेत्र की तो मार्टिनगंज ब्‍लॉक के सिकरौर में ग्रामप्रधान द्वारा ग्रामसभा की भूमि कब्‍जा कर बाजार में 18 दुकानें बना ली गयी। नौ जुलाई 1992 को जिलाधिकारी ने तीन दिन में कब्‍जा हटाने का निर्देश दिया लेकिन तहसील स्‍तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहीं नहीं इस कब्‍जे को हटाने के लिए तहसीलदार भी आदेश कर चुके हैं, लेकिन आज भी कब्‍जा बरकार है। हाल में उक्‍त भूमि माफिया द्वारा पीडब्‍ल्‍यूडी की भूमि में भवन का निर्माण करा लिया गया। विभाग के अधिकारियों ने थाने को पत्र भी लिखा लेकिन काम रोकने के लिए पुलिस नहीं पहुंची और एक पखवारा पूर्व भवन बनकर तैयार हो गया। मजेदार बात है कि योगी की टॉस्क फोर्स ने भी भाजपा नेता का मामला होने के कारण कोई कदम नहीं उठाया।


इसी ब्‍लॉक के दुबावा गांव में पोखरी पर अवैध कब्‍जों के लेकर ग्रामीण लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी मौन है। इसी तरह फूलपुर ब्‍लॉक और तहसील के मध्‍य नेशनल हाइवे पर उदपुर में करोडों की संपत्ति पर भूमाफियाओं ने कब्‍जा कर रखा है। प्रधान अनीता यादव से लेकर ग्रामीण दर्जनों बार शिकायत कर चुकी है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इसी ब्‍लॉक के ईशापुर गांव में ग्रामीण एक दशक से पोखरी पर अवैध कब्‍जा खाली कराने के लिए संघर्ष कर रहे है।



वैसे यह महज बानगी है जिले के पचास प्रतिशत गांवों में किसी न किसी रूप में भू माफियाओं ने कब्‍जा किया है लेकिन न तो टॉस्‍क फोर्स काम कर रही है और ना ही तहसील प्रशासन। अधिकारियों पर भी शासन के आदेश का कोई असर नहीं है।
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