आजमगढ़ में कई योजनाएं अधूरी, सीएम अखिलेश नहीं कर पाए वादा पूरा

आजमगढ़ में कई योजनाएं अधूरी, सीएम अखिलेश नहीं कर पाए वादा पूरा
Cm Akhilesh Yadav

अखिलेश सरकार ने तोड़ दिया विश्वविद्यालय बनवाने का वादा

आजमगढ़. यूपी की सत्‍ता में जब भी सपा आई आजमगढ़ को प्राथमिकता मिली। चाहे वह मुलायम सिंह का शासन रहा हो या फिर आज अखिलेश यादव का लेकिन दोनों के ही शासन में एक खास बात रही कि इनकी बड़ी योजनाएं आधी अधूरी रही। जिससे उसका लाभा आम आदमी को नहीं मिल सका। अखिलेश सरकार ने विश्‍वविद्यालय का वादा कर तोड़ दिया जिसकी कसक आज भी लोगों के दिलों में हैं।



गौर करें तो जब मुलायम सिंह यादव मुख्‍यमंत्री थे तो वर्ष 2003 में आजमगढ़ में रिजनल डाग्‍नोसिस सेंटर दिये। उस दौरा में वाराणसी को छोड़ दिया जाय तो आस पास के किसी जिले में टीएमटी, सिटी स्‍कैन, हार्मोंन आदि की सुविधा नहीं थी आजमगढ़ में यह सारी मशीने लगायी गयी लेकिन इन्‍हें चलाने के लिए टेक्‍नीशियन की तैनाती नहीं हुई। बाद में उसे जिला अस्‍पताल को सौंप दिया गया। परिणाम रहा कि सिटी स्‍कैन और एक्‍सरे को छोड़ बाकी मशीनें धूल फांक रही हैं। वर्ष 2012 में अखिलेश यादव मुख्‍यमंत्री हुए तो उन्‍होंने ट्रामा सेंटर बनवाया लगा शायद अब स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍था सुधर जाय लेकिन ट्रामा सेंटर में जिला अस्‍पताल की ओपीडी चल रही है। यहां आजतक न तो उपकरण आये और ना ही चिकित्‍सकों की तैनाती हुई। जिला अस्‍पातल के अर्थो विभाग के दो चिकित्‍सकों की ओपीडी यहां जरूर चल रही है।



वर्ष 2005-06 में मुलायम सिंह ने आजमगढ़ में सुपरस्‍पेशिलिटी अस्‍पताल एंव मेडिकल कालेज दिया लेकिन यहां भी आज तक मानक के अनुरूप तैनाती नहीं हुर्इ। अखिलेश सरकार में हाल में जिले को नि:शुल्क हीमो डायलिसिस सेंटर का तोहफा मिला लेकिन यह अर्ध्‍य सरकारी व्‍यवस्‍था के तहत संचालित है। यह सेंटर मंगलवार को शुरू हुआ और अभी से यहां मनमानी शुरू हो गयी है।



यूपी सरकार का सबसे महत्‍वपूर्ण कार्य सठियांव में चीनी मिल कहा जा सकता है। सरकार इसे नौ महीनें में तैयार कर चालू करने का दावा कर रही है लेकिन सत्र शुरू हुए अभी एक माह हुआ है और मिल दो बार बंद हो चुकी है। वर्तमान में भी यह तकनीकी खामी के कारण बंद है।


आजमगढ़ में आधुनिक रोडवेज के निर्माण का काम चल रहा है लेकिन बजट के आभाव में महीनों से काम ठप है। कृषि विश्‍वविद्वालय कैंपस का निर्माण लगभग पूरा है तो डेयरी का काम भी चल रहा है। सड़क निर्माण के क्षेत्र में सरकार ने कई महत्‍वपूर्ण कार्य किये है लेकिन सरकार की यह योजना पूरी तरह कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रही है। पूछने वाला कोई नहीं है। पूर्व में तत्‍कालीन जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने कार्रवाई का प्रयास किया तो उनपर ही कार्रवाई हो गयी और स्‍थानान्‍तरण कर दिया गया।



आजमगढ़ के लिए सबसे अहम विश्‍वविद्वालय था। जिसकी मांग यहां लोग 1978 से कर रहे हैं। सत्‍ता में आने के बाद अखिलेश ने इसका वादा किया और चीनी मिल के शिलान्‍यास के समय बाकायदा सरकार ने विश्‍वद्वालय निर्माण का विज्ञापन भी जारी किया लेकिन बाद में मुकर गयी और विश्‍वविद्वालय बलिया को दे दिया गया।

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