आजमगढ़ में सिमी के स्लीपर सेल पर खुफिया एजेंसियों की नजर

आजमगढ़ में सिमी के स्लीपर सेल पर खुफिया एजेंसियों की नजर
sleeper cells

सीमा पर तनाव व हाल में हुए आतंकी हमलों के बाद बढ़ी सतर्कता

आजमगढ़. पाक अधिकृत कश्मीर में सेना द्वारा किए गये सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बढ़े आतंकी वारदातों के संभावित खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय सतर्क है। एहतिहात के तौर पर मंत्रालय ने सिमी के सदस्यों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। खासतौर पर आगरा जोन व पूर्वांचल में सिमी पर विशेष नजर रखी जा रही है क्योंकि आगरा में इस संगठन की स्थापना हुई थी और आजमगढ़ से इस संगठन का पहला अध्यक्ष था। 

बता दें कि खुफिया एजेंसियां कई बार रिपोर्ट दे चुकी हैं कि सिमी के सदस्य इंडियन मुजाहिद्दीन के लिए स्लीपिंग माड्यूल्स तैयार करते हैं। पश्चिम यूपी में इनके कई माड्यूल्स हैं। सिमी सदस्यों की मौजूदा गतिविधियों को मालूम करने के लिए निर्देश दिया गया है। पूर्वांचल में पूर्व में इनकी गतिविधियों को देखते हुए यहां भी इनकी खुफिया नजर है। 

गौरतलब है कि 6 फरवरी 2008 को बैन लगने के बाद सिमी के सदस्यों का काम करने का तरीका बदल गया है। पहले वे अभियान चला कर युवाओं को अपने अभियान के लिए भड़काते थे लेकिन बैन लगने के बाद चोरी छिपे काम करने लगे हैं। इनके कई सदस्य आईएम में भर्ती हो गये हैं जो आईएम के लिए स्लिपिंग माड्यूल्स तैयार कर रहे हैं। ये स्लिपिंग माड्यूल्स शांत पड़े रहते हैं लेकिन जैसे ही इन्हें आतंकी संगठन का निर्देश मिलता है एक्टिव होकर टेरर माड्यूल्स बन जाते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय के एलर्ट के बाद उन सदस्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है जो 2008 तक एक्टिव रहे।
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