घर बैठे इस तरह करें आवेदन मिलेगा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ

गर्भवती महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है यह योजना

पहली बार गर्भवती होने पर सरकार खान पान के लिए देती है पांच हजार रूपये

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. सरकार ने गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। अब प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने के लिए अब लोगों को विभागीय कार्यालय का चक्कर नहीं काटना होगा। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान में एक और कदम बढ़ाते हुए इस योजना में लाभर्थियों की सहूलियत के लिए अब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी है। इसके लिए लाभर्थियों को pmmvy-cas.nic.inपर लॉगिन करना होगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके मिश्र ने बताया कि यदि कोई लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन के बजाय ऑफलाइन आवेदन करना चाहता है तो वह पहले की तरह ब्लॉक स्तर पर संबंधित कार्यालय अथवा आशा कार्यकत्री के माध्यम से कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह योजना 1 जनवरी 2017 से संचालित की जा रही है। इसके तहत सरकार की ओर से प्रथम बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को उचित खान पान एवं पोषण के लिए पांच हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
जिला समुदाय प्रक्रिया प्रबंधक (डीसीपीएम) विपिन पाठक ने बताया कि यह पोषण सहायता धनराशि तीन किश्तों में दी जाती है। पहली किश्त 1,000 रुपये की गर्भधारण के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कराने पर, दूसरी किश्त में 2,000 रुपये प्रसव पूर्व जाँच कराने व 180 दिनों के अन्दर तथा अंतिम किस्त 2,000 रूपये प्रसव पश्चात तथा शिशु के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर मिलती है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 7998799804 भी जारी किया गया है। इस पर कॉल करके लाभार्थी योजना के आवेदन संबंधी एवं भुगतान में आ रही समस्या का निराकरण कर सकेंगे।

उन्होने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए लाभार्थी जब pmmvy-cas.nic.in पर लॉगिन करेंगे तो उनके ईमेल आईडी पर ओटीपी आयेगा। साइट पर ओटीपी डालकर संबंधित फॉर्म भर कर आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए लाभार्थी के पास ईमेल आईडी का होना अनिवार्य है। योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र गर्भवती को मिल सके, इसके लिए प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग की जाती है। योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी नहीं पूछता है और न ही संवेदनशील सूचनाएं जैसे एकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। लाभार्थी किसी को भी इस तरह की जानकारी बिल्कुल न दें। यदि इस तरह के फोन आये तो इसकी जानकारी तत्काल अपने क्षेत्र की एएनएम और आशा को दें।

डीसीपीएम विपिन पाठक ने बताया कि प्रसव चाहे सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में हुआ हो या निजी लाभ सभी को मिलता है। पंजीकरण के लिए गर्भवती व पति का आधार कार्ड, गर्भवती की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जरूरी है। गर्भवती का बैंक खाता संयुक्त नहीं होना चाहिए।

ऐसे कर सकते हैं आवेदन--

चार चरण में ऑनलाइन पूरी की कि जाती है आवेदन पंजीकरण की प्रक्रिया

1.-https://pmmvy-cas.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए (आंगनबाड़ी/अप्रूव्ड स्वास्थ्य सुविधा केंद्र) लॉग इन जानकारी का उपयोग कर पीएमएमवी वाई सॉफ्टवेयर में लॉग इन करें।

2- इस पश्चात लाभार्थी रजिस्ट्रेशन फॉर्म (जिसे एप्लीकेशन फॉर्म ए भी कहा जाता है) के अनुसार जानकारी भरकर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए “न्यू बेनिफिशियरी” पर क्लिक करें।

3- गर्भावस्था के छह महीने के बाद फिर से पीएमएमवीवाई-सीएएस सॉफ्टवेयर में लॉग इन करें और दूसरी किश्त टैब पर क्लिक करें और यूजर मैन्युअल में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए फॉर्म 1-बी भरें।

4-बच्चे के जन्म के बाद, बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण के पहले चरण को पूरा करने के बाद पीएमएमवीवाई-सीएएस सॉफ्टवेयर में लॉग इन करें और ‘तीसरी किश्त” टैब पर क्लिक करें और फार्म 1 सी भरना होगा।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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