..और जब पूर्व प्रमुख वीरेंद्र यादव के लिए रो पड़ा आजमगढ़

..और जब पूर्व प्रमुख वीरेंद्र यादव के लिए रो पड़ा आजमगढ़

शोक में अम्बारी, फूलपुर सहित कई बाजार रहे बंद

आजमगढ़. पूर्व सांसद रमाकान्त यादव के भतीजे वीरेंद्र यादव को अंतिम बिदाई देने के लिए गुरूवार को सैलाब उमड पड़ा। शोक में अम्बारी, फूलपुर सहित कई बाजारों की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। सुरक्षा की दृष्टि से सरावां गांव से दुर्वासा धाम तक पीएसी व पुलिस को तैनात कर दिया गया था। साथ ही पुलिस के उच्चाधिकारी भी मौके पर डटे हुए थे।

बता दें कि जिला जेल में निरूद्ध पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र यादव की बुधवार को उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गयी थी। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर पहुंचा जनसैलाब से उमड़ पड़ा। गुरुवार की सुबह से ही लोग दुर्वासा धाम पर पहुंचना शुरू हो गये थे। पूर्वान्ह करीब 9 बजे सरावां गांव से शव यात्रा निकली और दुर्वासा धाम पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लालगंज सांसद नीलम सोनकर, पूर्व मंत्री विद्या चौधरी, पूर्व सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, भाजपा जिलाध्यक्ष सहजानन्द राय, विनोद राय, तहसीलदार पांडेय, शिवसागर दूबे सहित तमाम गांवों के ग्रामप्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, अध्यापक, अधिवक्ता एवं ब्लाक व तहसील के कर्मचारी आदि उपस्थित रहे। वहीं दूसरी तरफ पूर्व ब्लाक प्रमुख के निधन से क्षेत्र मे मातम सा छाया रहा। शोक में फूलपुर, अंबारी, भेडि़या, हुब्बीगंज, पल्थी, पलियामाफी, गद्दोपुर आदि बाजारें पूरी तरह बन्द रहीं। चारो तरफ सन्नाटा पसरा रहा। वहीं क्षेत्र के फूलपुर, खानजहांपुर, पलिया भेडि़या, पल्थी, पलियामाफी, सरावां आदि जगहों के शैक्षणिक संस्थान भी बन्द रहे।

बाप के कन्धे पर उठ गयी दोनों बेटों की अर्थी
शायद यह पूर्व सांसद के भाई लल्लन प्रसाद यादव का दुर्भाग्य है कि उन्हें दो वर्ष के भीतर दोनों बेटों के अर्थी को कंधा देना पड़ा। बता दें कि वर्ष 2103 में मथुरा से लौटते समय ग्रेटेड नोयडा यमुना एक्सप्रेसवे पर जन्माष्टमी के दिन लल्लन यादव के छोटे बेटे अरविन्द यादव की सडक दुर्घटना में मौत हो गयी थी। उस गम अभी वे उबर भी नहीं पाये थे कि बुधवार को बड़े बेटे पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेन्द्र यादव की मौत हो गयी। इस घटना से पूरे परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। वीरेंद्र की मौत से पुत्र टाइगर (14), ओम (6) व पुत्री रीनू (12) के सिर से बाप का साया उठ गया। वहीं लल्लन यादव के बुढ़ापे की लाठी टूट गयी। बुधवार की देर रात जब उनके आवास पर पूर्व प्रमुख का शव पहुंचा तो माता श्यामप्यारी देवी, पत्नी अर्चना यादव, चाचा पूर्व सांसद रमाकान्त यादव एवं पूर्व सांसद उमाकान्त यादव, पूर्व विधायक अरूणकान्त यादव, पुत्र टाइगर व ओम, पुत्री रीनू सहित परिवार एवं रिश्तेदार बिलख-बिलख कर रोने लगे। साथ ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
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