आजमगढ़ में प्रेमी युगल का कराया गया विवाह

आजमगढ़ में प्रेमी युगल का कराया गया विवाह
शादी

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 04 Feb 2018, 12:33:09 AM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

आजमगढ़ के दीदारगंज में क्षेत्र के लोगों ने एक प्रेमी युगल की शादी करा दी।

आजमगढ़. थाना क्षेत्र के गम्हिरी गांव में शुक्रवार की रात मोटरसायकल पर सवार प्रेमी युगल को गांव के लोगों ने पकड़ लिया था और प्रेमी को रातभर गांववालों ने प्रेमिका के घर पर ही बैठाये रखा। सुबह प्रेमी के परिजन भी जानकारी पाकर पहुँचे तो पंचायत शुरू हुई । जानकारी मिली की प्रेमी की दो दिनों पहले कहीं अन्य जगह शादी तय हुई थी और बरक्षा भी हो गया था। वह प्रेमिका को घुमा कर घर छोड़ने जा रहा था उसी समय गांव वालों ने देख कर पकड़ लिया। शादी की बात पर वह मुकरने लगा और कहा कि मैं तो सिर्फ मिलने आया था।

 

वही प्रेमिका शादी की मांग पर अड़ी रही। देर रात से शनिवार की दोपहर तक चली पंचायत के बाद भी नतीजा नहीं निकला तो फिर लोगों ने पुलिस को सूचना दी । सूचना पर दीदारगंज पुलिस भी मौके पर पहुंची और प्रेमी को थाने ले गयी। गांव के लोग प्रेमिका को भी थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को समझाया बुझाया फिर दीदारगंज थाना परिसर मे प्रेमी युगल की शादी तय करा दी गयी और प्रेमी युगल की दोनों गांव के लोगों की उपस्थिति में दीदारगंज थाना परिसर में सिंदूर दान करा विवाह सम्पन्न कराया गया।

 

मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर जिले खेतासराय थाना क्षेत्र लेदहरी के दुरगेश राजभर पुत्र राम दुलार एवम रिशा राजभर पुत्री फिरतू निवासी गम्हिरी थाना दीदारगंज के बीच वर्षो से प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रेमी की शादी कहीं और तय होने से दोनों व्यथित थे , पर पुलिस के हस्तक्षेप से अब दोनों परिणय सूत्र में बांध दिए गए।

 

दलित लड़की के बलात्कार और अपहरण मामले में सजा
दीवानी न्यायालय में दलित लड़की के अपहरण तथा बलात्कार के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को सात वर्ष के कारावास तथा 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से पचीस हजार रुपये अदालत ने पीड़िता को देने का आदेश दिया। यह फैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो संतोष कुमार तिवारी ने सुनाया। मामला रौनापार थाना क्षेत्र का है। पीड़ित लड़की के पिता ने 6 अक्टूबर 2012 को रौनापार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अनुसार उनकी लड़की नई बस्ती रौनापार में एक महाविद्यालय की बीए की छात्रा थी। पीड़िता 10 सितंबर 2012 को महाविद्यालय से जाने के लिए घर से निकली लेकिन शाम तक वापस नहीं आई।

 

परेशान माता-पिता ने कई जगह उसकी खोजबीन की। पीड़िता के पिता पर फोन से धमकी भी दी गई। पुलिस ने जांच के दौरान 14 अक्टूबर 2012 को रौनापार थाना क्षेत्र के बाजार गोसाईं गोसाईं पीड़ित लड़की को बरामद करते हुए मुल्जिम मधुसूदन मौर्य उर्फ मकसूदन पुत्र राम शब्द निवासी गोफी थाना घोसी जनपद मऊ को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अभियोजन अधिकारी महेंद्र गुप्ता ने पीड़िता तथा पीड़िता के पिता समेत सात गवाहों को अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मधुसूदन ऊर्फ मकसूदन को सात वर्ष के कारावास तथा 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
by Ran Vijay Singh

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