मोदी सरकार से नाराज मदरसा शिक्षकों ने राष्ट्रपति से मांगी परिवार सहित इच्छामृत्युु, वजह हैरान कर देगी

मोदी सरकार से नाराज मदरसा शिक्षकों ने राष्ट्रपति से मांगी परिवार सहित इच्छामृत्युु, वजह हैरान कर देगी
प्रतीकात्मक फोटो

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 23 Sep 2019, 03:14:00 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को भेजा पत्र।

आजमगढ़. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक रही मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत तैनात शिक्षकों के मानदेय का भुगतान पिछले 72 महीनों से नहीं हुआ है। इससे शिक्षक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए है। परिवार का भरण पोषण करने में अक्षम शिक्षकों ने राष्ट्रपति को पत्र भेज परिवार सहित इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है।


बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1993 में मदरसा आधुनिकीकरण योजना की शुरूआत की थी। उस समय 18 राज्यों में इस योजना के तहत हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कंप्युटर आदि की शिक्षा देने के लिए प्रत्येक मदरसे में तीन शिक्षकों की तैनाती की गयी थी। इसमें स्नातक शिक्षकों को छह हजार तथा परस्नातक शिक्षक का 12 हजार मानदेय निश्चित किया गया था। इस योजना के तहत केवल यूपी में 25500 शिक्षक नियुक्त किए गए थे। आजमगढ़ में सैकड़ों शिक्षकों की तैनाती की गयी थी।


मदरसा शिक्षकों का आरोप है कि सरकार ने वर्ष 2013 से 2019 तक सरकार द्वारा मानदेय का भुगतान ही नहीं किया गया है। मानदेय न मिलने से शिक्षक परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षक परिवार चलाने के लिए कर्ज ले रहे है। इस संबंध में कई बार ज्ञापन सौंपा गया लेकिन सरकार से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। मजबूर होकर शिक्षकों ने पीएम और राष्ट्रपति को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेज परिवार के साथ इच्छामृत्यु की मांग की है।

By Ran Vijay Singh

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