मुलायम के गढ़ में विकास की यह है हकीकत,  योगी सरकार भी नहीं समझ रही दर्द

 मुलायम के गढ़ में विकास की यह है हकीकत,  योगी सरकार भी नहीं समझ रही दर्द
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आये दिन होते रहते हैं हादसे, अब आंदोलन के मूड में हैं ग्रामीण

आजमगढ़. कहा जाता है कि आजमगढ़ सांसद मुलायम सिंह यादव की धड़कन है और सूबे की योगी सरकार भी इस क्षेत्र के विकास के बड़े बड़े दावे कर रही है लेकिन यहां के विकास की हकीकत कुछ और ही है। जिले के विकास की कहानी मार्टिनगंज तहसील के बूंदा गांव में देखी जा सकती है। यहां नहर की पुल वर्षो से टूटी है, आये दिन लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं लेकिन विधायक सांसद से लेकर मंत्री तक आज तक किसी ने यहां के लोगों का दर्द नहीं समझा। ग्रामीण गुहार लगाकर थक चुके हैं और अब हालात यह है कि ग्रामीण आंदोलन के मूड में हैं।


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यह पुल बूंदा गांव  में  शारदा सहायक खंड  23 के नहर  पर बना हुआ  है। इस पुल से दो से तीन हजार लोग हर दिन गुजरते हैं। पुल पिछले कई वर्षों  से टूटा है। लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा बना। लोगों ने सपा विधायक, सरकार के मंत्री और भाजपा सांसद से गुहार लगाई लेकिन पुल का निर्माण नहीं कराया गया। हालत यह है कि  मीर अहमदपुर तिलक, मतलूबपुर, बखरा, मुहचुरा, आदमा मऊ, पूक  आदि गांवों के लोग इस पुल से जान जोखिम में डालकर गुजरते है। पुल टूट जाने से चार पहिया वाहन का आवागमन  ठप पडा है। लोग खेतों तक ट्रैक्‍टर आदि भी नहीं ले जा पाते हैं।




स्‍थानीय पृथ्‍वीराज सिंह, अनिल सिंह, तालुकदार यादव, संतोष यादव, आदि का कहना है कि प्रशासन और प्रतिनिधियों का रवैया देख कर ऐसा लगाता है मानों वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। राम सूरत मौर्य  सुक्खू मौर्य,  अच्छे लाल, राधे मोहन, अनुराग सिहं, रणविजय सिहं, बालेश्वर  राजभर का कहना है कि यदि पुल निर्माण नहीं कराया जाता है तो वे आंदोलन के लिए बाध्‍य होंगे।
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