अखिलेश यादव को मायावती दे सकती हैं झटका, बाहुबली मुख्तार के बेटे अब्बास को इस सीट से बना सकती हैं प्रत्याशी

Lok Sabha Election 2019 : गठबंधन को दरकिनार कर इस लोकसभा सीट पर पहले ही मायावती उतार चुकी हैं उम्मीदवार...

By: ज्योति मिनी

Updated: 07 Jun 2018, 04:23 PM IST

आजमगढ़. वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में गठबंधन के जरिये भाजपा को मात देकर पीएम मोदी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का सपना देख रहे विपक्ष को बसपा मुखिया मायावती झटके पे झटका दे रही हैं। अभी यूपी में न तो गठबंधन ने मूर्त रूप लिया है और ना ही सीट बटवारे पर चर्चा हुई है, लेकिन मायावती एक के बाद एक सीट पर अपने प्रत्याशी की घोषणा करती जा रही है। पूर्वांचल में अब तक बसपा दो सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी हैं। सूत्रों की माने तो घोसी सीट पर भी जल्द ही नाम की घोषणा हो जाएगी। बसपा बाहुबली मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी को अपना उम्मीदवार बना सकती है।


बता दें कि फूलपुर, गोरखपुर और कैराना उपचुनाव में गठबंधन की जीत के बाद विपक्ष काफी उत्साहित है। खासतौर पर सपा और कांग्रेस के लोग वर्ष 2019 के चुनाव में गठबंधन को लेकर उत्साहित है। बसपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब भी मौन है। यूं भी कह सकते हैं कि, उन्हें मुखिया के फैसले का इंतजार है। यही वजह है कि, बसपा के लोग आज भी एकला चलों की राह पर चुनाव तैयारी में लगे हुए हैं।


लोकसभा चुनाव के लिए मायावती पहले ही आजमगढ़ जिले की लालगंज संसदीय सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी हैं। बलिया के पूर्व मंत्री घूरा राम को यहां से उम्मीदवार बनाया गया है। जब इस टिकट की घोषणा हुई तो माना जा रहा था कि, अगर गठबंधन हुआ तो जिले की एक सीट बसपा के खाते में जाएगी ही शायद इसलिए ही मायावती ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है, लेकिन पिछले दिनों मायावती ने जौनपुर संसदीय सीट पर उम्मीदवार की घोषणा कर गठबंधन की उम्मीदों को झटका दिया था।

वहीं निषाद पार्टी ने भी यहां बाहुबली धनन्जय सिंह को अपने प्रत्याशी के रूप में हरी झंडी दे दिया है, जबकि निषाद पार्टी गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में गठबंधन के साथ थी। इसके बाद से ही पूर्वांचल में गठबंधन के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गयी थी।


अब इस चर्चा को और भी पर लग गए है और सुर्खियों में हैं बसपा मुखिया मायावती और बाहुबली मुख्यात अंसारी का परिवार। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी ने मायावती को बड़ी राहत दी थी। जब मऊ की चार विधानसभा सीटों में भाजपा ने तीन पर कब्जा जमाया था, लेकिन सदर सीट मुख्तार ने बसपा की झोली में डाल दी थी। यह अलग बात है कि उनके पुत्र अब्बास अंसारी घोसी से चुनाव हार गए थे। लोकसभ चुनाव में भी इस परिवार से बसपा को काफी उम्मीद है।

सूत्रों की माने तो बसपा मुखिया अब्बास को घोसी लोकसभा सीट से मैदान में उतारने का मन बना चुकी है। यही वजह है कि अब्बास ने अपना प्रचार भी शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई ह्वाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर अब्बास के समर्थक सक्रिय हो गए है। माना जा रहा है कि मायावती जल्द ही अब्बास के नाम की घोषणा करने वाली है। अगर ऐसा होगा तो यह गठबंधन की उम्मीदों को बड़ा झटका होगा।

input रणविजय सिंह

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