जल संरक्षण के लिए आजमगढ़ में शुरु हुआ आंदोलन

जल संरक्षण के लिए आजमगढ़ में शुरु हुआ आंदोलन
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जल के स्रोतों पर किये जा रहे अवैध कब्जों को हटाने की मांग 

आजमगढ़. जल के प्राकृतिक संसाधनों के प्रति प्रशासन की संवेदनहीनता, ऐतिहासिक तालाब-पोखरों पर हो रहे अवैध कब्जे से नाराज जनता ने अब इनके संक्षरण के लिए आंदोलन का फैसला किया है। जय जवान जय किसान के नारे के साथ सैकड़ों लोगों ने लखराव पोखरा संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को मौन जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन सौंप ऐतिहासिक महत्व रखने वाले तालाब पोखरों की सफाई कराने तथा जल के स्रोतों पर किये जा रहे अवैध कब्जों को हटाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गयी। 

बता दें कि जिले में जल के प्राकृतिक संसाधनों पर लगातार अवैध कब्जे किये जा रहे है। कुएं को पाटकर उनका अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है तो तालाब और पोखरों भवन निर्माण कराये जा रहे है। यहां तक कि शहर कोतवाली के सामने का भी कूंआ पाट दिया गया है। अठवरिया मैदान के पास पोखरे का अस्तित्व लगभग समाप्त है तो कोइरी के पोखरे की हालत इससे अलग नही है। आवक, लखराव आदि पोखरे उपेक्षा के चलते अस्तित्व खो रहे है। यहां पानी का संकट निरंतर बढ़ता जा रहा है। सब मिलाकर हालत बद से बदतर हो चुका है लेकिन अधिकारी मौैैन साधे है। 


अवैध कब्जों को हटाने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जा रही है। लखराव पोखरा समिति से जुड़े लोग लंबे समय से पोखरों की सफाई और अवैध कब्जे हटाने की मांग कर रहे है। संगठन के लोग इस संबंध में कई बार ज्ञापन भी सौंप चुके है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इससे लोगों का आक्रोश बढ़ गया और सोमवार को समिति के संयोजक के बबलू मौर्य के नेतृत्व में लोगों ने आंदोलन शुरू किया। 

आंदोलन के पहले चरण में शहर के रैदोपुर स्थित त्रिमूर्ति चौराहे से मौन जुलूस निकाला गया जो नेहरूहाल, कलेक्ट्रेट चौराहा, सिविल लाइंस, नरौली होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। यहां लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। बबलू मौर्य ने कहा कि जल संसाधन और जल संरक्षण के प्रति प्रशासन संवेदनहीन बना है। जबकि जिले में पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं प्राकृतिक संसाधनों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। यदि प्रशासन तत्काल कार्रवाई नही करता है तो संगठन धरना प्रदर्शन और अनशन शुरू करेगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर सुनील दत्ता, राजमन मौर्य, रामजन्म प्रजापति, जगमोहन यादव, सुरेंद्र मौर्य, मनोज कुमार, कवलधारी, लालचंद, नेहाल, दीपचंद, अनिल, सुंदर यादव, संतोष कुमार, मनोज आदि उपस्थित थे।
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