सांसद नीरज शेखर भी बीजेपी को नहीं दिला पाए जीत, सपा ने मारी बाजी

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के पुत्र नीरज शेखर के भाजपा में आने के बाद माना जा रहा था कि पार्टी बलिया में जीत हासिल करेगी लेकिन यहां भी बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. जिला पंचायत चुनाव में बीजेपी को आजमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे मंडल में बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने मऊ सीट पर प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन कराया तो लगा कि आजमगढ़ और बलिया में सपा को कड़ी टक्कर देगी लेकिन दोनों ही स्थानों पर पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। जबकि बलिया पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह का गढ़ माना जाता था। यहां से उनके पुत्र नीरज शेखर भाजपा के सांसद है।

बलिया में 58 जिला पंचायत सदस्य थे। यहां मतदान निर्धारित समय पर पूर्वांह्न 11 बजे शुरू हुआ। इस दौरान 57 सदस्यों ने मतदान किया। एक सदस्य किन्हीं कारणों से मतदान करने नहीं पहुंचा। अपराह्न तीन बजे के बाद मतगणना करायी गयी। सपा प्रत्याशी आनंद चैधरी 33 मत प्राप्त कर जीत हासिल करने में सफल रहे। वहीं भाजपा की सुप्रिया चैधरी को 24 मत ही प्राप्त हुआ।

बता दें कि आनंद चैधरी पूर्व मंत्री अंबिका चैधरी के पुत्र है। समाजवादी पार्टी में पारिवारिक कलह के बाद अंबिका चैधरी ने सपा छोड़ की सदस्यता ले ली थी। जिला पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद उन्होंने बसपा से त्याग पत्र दे दिया लेकिन अभी किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए है। उन्होंने अपने पुत्र आनंद चैधारी को सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिलाया था।

बलिया भाजपा सांसद राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर का क्षेत्र होने केे कारण भाजपा को इस सीट पर जीत हासिल करने का भरोसा था लेकिन भाजपा प्रत्याशी आपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई और उन्हें नौ मतों से हार का सामना करना पड़ा। चैधरी की हार के बाद बीजेपी को आजमगढ़ मंडल की दो सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। पार्टी मऊ सीट पर निर्विरोध निर्वाचन कराने में जरूर सफल रही थी।

BY Ran vijay singh

BJP
रफतउद्दीन फरीद
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