आजमगढ़ में वृद्धा आश्रम का संचालन करने वाली एनजीओ ब्लैक लिस्टेड

तत्कालीन मंडलायुक्त की संस्तुति के बाद की गयी कार्रवाई

लाॅक डाउन के दौरान संस्था सरकारी धन के दुरूपयोग की पाई गई दोषी

एक अक्टूबर से अंबेडकर विकास समिति नाम की एनजीओ करेगी वृद्धाश्रम का संचालन

आजमगढ़. शहर के आराजीबाग मोहल्ला स्थित वृद्धाश्रम में लॉकडाउन के दौरान बुजुर्गो के लिए समुचित व्यवस्था न करने तथा शासकीय धन के दुरुपयोग का दोषी पाया गया है। तत्कालीन मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी की संस्तुति पर एनजीओ को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। अब एक अक्टूबर से वृद्धाश्रम का संचालन अंबेडकर विकास समिति नाम की एनजीओ करेगी।


बता दें कि समाज कल्याण विभाग से वित्तपोषित वृद्धाश्रम का संचालन लखनऊ की एनजीओ जेपीएस फाउंडेशन करती थी। कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान वृद्धाश्रम को लेकर शिकायतें मिलने पर तत्कालीन मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने 09 अप्रैल को अपर आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह एवं उप निदेशक समाज कल्याण सुरेश चंद की टीम गठित कर मामले की जांच करायी थी।


जांच में पाया गया था कि बुजुर्गों के लिए स्थापित आश्रम ग्राउंड फ्लोर पर न होकर निजी भवन के प्रथम तल पर था। इससे बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही थी। 150 की क्षमता वाले वृद्धा आश्रम में मात्र आठ बुजुर्ग थे। 13 कर्मचारियों में से मात्र पांच कर्मचारी ही उपस्थित मिले थे। आश्रम का समर्सिबल पंप महीनों से खराब होने से बुजुर्गों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं था। पहनने के लिए कपड़े भी नहीं वितरित किए गए थे।


यही नहीं संक्रमण काल में उन्हें न तो मास्क दिया गया था और ना ही वहां साबुन, हैंडवाश, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था थी। बुजुर्गो का मेडिकल भी नहीं कराया गया था। संस्था को दोषी पाए जाने पर तत्कालीन मंडलायुक्त ने आश्रम का संचालन कर रही संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने संस्था को ब्लैकलिस्टेड करते हुए दूसरी संस्था को नामित कर दिया है। दूसरी संस्था एक अक्तूबर से अपना काम शुरू कर देगी।


प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार सिंह का कहना है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संस्था को प्रतिमाह 90 हजार रुपये किराये के रूप में दिए जाते थे। भोजन, औषधि, पर्सनल केयर, मनोरंजन, भवन किराया, प्रशासनिक व्यय, मानदेय, वस्त्र आदि के लिए भी पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने के बावजूद वृद्धा आश्रम की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। वर्तमान में संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। एक अक्टूबर से वृद्धाश्रम की जिम्मेदारी अंबेडकर विकास समिति को सौंपी जाएगी।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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