अखिलेश यादव से हारने के बाद निरहुआ का बड़ा दावा, कहा मेरे खिलाफ हुई साजिश, बदला गया हस्ताक्षर

अखिलेश यादव से हारने के बाद निरहुआ का बड़ा दावा, कहा मेरे खिलाफ हुई साजिश, बदला गया हस्ताक्षर
दिनेश लाल यादव निरहुआ

Mohd Rafatuddin Faridi | Publish: May, 26 2019 03:46:42 PM (IST) | Updated: May, 27 2019 03:12:26 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

पोलिंग एजेंट न बनने की वजह का किया खुलासा, साथ ही वादा किया कि पांच साल रहेंगे आजमगढ़ की बदलेंगे तस्वीर।

आजमगढ़. बीजेपी स्थानीय संगठन के लोग लाख दावा करें कि उन्होंने चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ा लेकिन पार्टी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने शनिवार को संगठन और चुनाव प्रबंध समिति की पोल खोल कर रख दी। देश और प्रदेश की सत्ता में होने के बाद भी जो पार्टी अपने प्रत्याशी का हस्ताक्षर सुरक्षित नहीं रख सकती उसका हश्र इससे बेहतर होगा उम्मीद नहीं की जा सकती है। खुद भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल निरहुआ यादव ने स्वीकार किया कि उसका हस्ताक्षर बदल दिया गया जिसके कारण 30 प्रतिशत से अधिक बूथों पर उसके अभिकर्ता तैनात नहीं हो सके। साथ ही निरहुआ ने यह भी दावा किया कि अगले पांच साल जीतने के बाद भी अखिलेश यादव जितने सक्रिय नहीं होंगे उससे अधिक सक्रिय वह रहेंगे।

 

 

जनता का धन्यवाद ज्ञापित करने जिला मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे भाजपा प्रत्याशी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने नहीं माना कि वह चुनाव हार गए है उन्होंने इसे अपनी बैचारिक जीत करार दिया। निरहुआ ने कहा कि मै जिस उद्देश्य से यहां आया था वह पूरा हुआ है। नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 की अपेक्षा कहीं अधिक बहुमत से देश में सरकार बना रहे है। निरहुआ ने कहा कि मैं तो राजनीति में आना ही नहीं चाहता था। जब यूपी में पीएम मोदी को रोकने के लिए गठबंधन बनाकर साजिश रची गयी तब मैने कहा कि नहीं पीएम को रोकने के षडयंत्र को हम कामियाब नहीं होने देंगे। आज मोदी जी प्रचंड बहुमत से सरकार बना रहे हैं यही तो हमारा उद्देश्य था। निरहुआ ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव लड़े थे उन्हें आजमगढ़ में 3.40 लाख वोट मिला था मुझे उनसे 20 हजार अधिक मत मिला है। यह मेरी वैचारिक जीत है।

 

उन्होंने कहा कि आने वाले पांच साल में आप देखेंगे चुनाव जीतने के बाद अखिलेश यादव उतनी सक्रियता नहीं दिखा पाएंगे जितनी सक्रियता मेरी होगी। जिन 3.60 लाख लोगों ने मुझे वोट दिया है मैं उनका कर्ज उतारूगा। हम चुनाव नहीं हारे हैं हार तो गठबंधन की हुई है। गठबंधन के लोग तो अपने परिवार तक को नहीं जिता पाए हैं। यह हमारी जीत है कि हम केंद्र में बहुमत की सरकार बना रहे हैं। मतदान के दिन बूथों पर एजेंट न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ टेक्निकल मिस्टेक था। हमारा हस्ताक्षर बदल दिया गया। जिसके कारण हम समय पर सूची नहीं भेज पाए। मतदान की पूर्व संध्या पर रात में मुझे चार हजार फार्मो पर हस्ताक्षर करना पड़ा जिसके कारण बूथों पर हमारे एजेंट नहीं दिखे। हमने इसकी शिकायत डीएम से की है। मामले की जांच चल रही है। जल्द ही इसका खुलासा हो जाएगा कि यह किसका काम था।

By Ran Vijay Singh

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