BJP से भी दो कदम आगे निकला प्रशासन, माकपोल के प्रारूप से गायब कर दिया नोटा, जांच के आदेश

BJP से भी दो कदम आगे निकला प्रशासन, माकपोल के प्रारूप से गायब कर दिया नोटा, जांच के आदेश
पत्रिका

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 27 May 2019, 08:41:02 AM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

  • जिलाधिकारी करा रहे जांच आखिर किस स्तर पर हुई गलती।

आजमगढ़. चुनाव में एक गलती भाजपाइयों ने किया कि बूथ की सूची समय से तैयार नहीं कर पाए लेकिन उससे भी बड़ी गलती प्रशासन ने कर दिया। जिले की दो संसदीय क्षेत्रों में 12 मई को हुए मतदान के लिए छपाए गये मॉकपोल प्रमाण पत्र की छपाई में ही गलती कर दी गयी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी शिवांकांत द्विवेदी ने दो अधिकारियों की जांच टीम गठित करते हुए आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंप दिया है। गलती किस स्तर पर हुई इसका खुलासा होने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।


बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम से मतदान शुरू होने से पूर्व मॉकपोल कराना होता है। उसके बाद संबंधित मॉकपोल और नोटा की संख्या संबंधित मॉकपोल प्रमाण पत्र प्रारूप पर भरना होता है, जिस पर पीठासीन अधिकारियों सहित संबंधित राजनीतिक दलों के एजेंटों के हस्ताक्षर होते हैं। मतदान प्रक्रिया से पूर्व ही जिला निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से पंजीकृत फर्म द्वारा संबंधित प्रारूप की छपाई कराई गई।


जिले के 2,305 मतदान केंद्रों के 3,943 बूथों पर 11 मई को ही निर्धारित स्थानों से पोलिग पार्टियां रवाना कर दी गईं। उसी दिन देर शाम जानकारी मिली की मॉकपोल प्रमाण पत्र का जो प्रारूप है, उसमें 15 प्रत्याशियों के अलावा नोटा का कॉलम छपा ही नहीं है। आनन-फानन रात में ही 15 प्रत्याशी और एक नोटा सहित 16 कॉलम का संबंधित प्रारूप की छपाई कराकर बूथों पर पहुंचाया गया। इस प्रकरण की जांच के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने एडीएम एफआर गुरुप्रसाद गुप्ता व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार को जांच अधिकारी नामित किया था।

 

एडीएम एफआर ने शनिवार को जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बृजेशचंद्र श्रीवास्तव, प्रधान लिपिक लल्लन राम और ईस्टर्न एजूकेशनल इंपोरियम रैदोपुर के संचालक विकास अग्रवाल का लिखित बयान लिया। एडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंप दी गयी है लेकिन अभी यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गयी है कि गलती किस स्तर पर हुई है।

By Ran Vijay Singh

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned