शेल्टर होमों तक राहत नहीं पहुंचा पा रहे अधिकारी, आठ एसडीएम व तहसीलदारों से स्पष्टीकरण तलब

डीएम ने बैठक कर व्यवस्था में तत्काल सुधार का दिया निर्देश

By: Neeraj Patel

Published: 16 May 2020, 06:38 PM IST

आजमगढ़. जिले के अधिकारी लाख दावा करे कि प्रवासी मजदूरों और शेल्टर होम पहुंच रहे लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। खुद जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने अधिकारियों की बैठक में स्वीकार किया कि शेल्टर होम से होम कोरंटाइन करते समय राशन किट उपलब्ध कराने की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इस मामले में उन्होंने जिले के सभी आठ एसडीएम व तहसीलदारों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनाने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम/तहसीलदारों को निर्देश दिये कि प्रवासी मजदूरों को शेल्टर होम से होम क्वारंटाइन करते समय ही राशन किट उपलब्ध करायें, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नही की जाएगी। यदि किसी तहसील क्षेत्र में होम क्वारंटाइन हुए प्रवासी मजदूरों को अभी भी राशन किट उपलब्ध कराना अवशेष है तो उसे 24 घण्टे के अन्दर उपलब्ध करायें। राशन किट समय से उपलब्ध कराने हेतु पहले से ही प्रवासी मजदूरों की संख्या का आकलन कर राशन किट बनवा कर रखें, इसके लिए हायर लेवल पर मानिटरिंग कराने की जरूरत है।

एसडीएम निजामाबाद द्वारा अवगत कराया गया कि रोडवेज बसों से जो प्रवासी मजदूर शेल्टर होम में भेजे जा रहे हैं, वे बीच में ही उतर जा रहे है। इसको जिलाधिकारी ने गम्भीरता से लेते हुए सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि इस तरह के अन्य तहसीलों में प्रकरण हो तो उसकी रिपोर्ट बनाकर तत्काल अपर जिलाधिकारी वि/रा को उपलब्ध करायें।

जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिया कि लेखपालों से सर्वे करायें कि जो प्रवासी मजदूर अपने ग्रामों में लुक-छिपकर आ रहे हैं, उन सबकी मेडिकल जांच हुई है या नही, इसकी मानिटरिंग स्वयं करें और ऐसे प्रवासी मजदूरों की ब्लाकवार सूची बनाकर, जिसमें नाम, पता, स्कील आदि विवरण के साथ तत्काल मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध करायें। इसी के साथ ही जो प्रवासी मजदूर ट्रेन व बसों से आये हैं, उनका विवरण एक्सल सीट में फीड कराकर मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिये कि तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत जिन शेल्टर होम में प्रवासी मजदूर रह रहे हैं उनको मीनू के अनुसार खाना उपलब्ध करायें।

उन्होने समस्त एसडीएम को निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लाक में 10-10 ऐसे गांव का चयन करें, जहाॅ पर सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर आये हैं। उन्होने कहा कि ऐसे गांवों में एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, नायब तहसीलदार, एडीओ पंचायत, अनिवार्य रूप से जायें और देखें कि जो प्रवासी मजदूर होम क्वारंटाइन हुए हैं, उनके घरों पर फ्लायर चस्पा है या नही, आशा उनके घरों पर जा रही है या नहीं। इसी के साथ ही समस्त एसडीएम/तहसीलदार अपने-अपने तहसील क्षेत्र के 5-5 ग्राम का स्वयं निरीक्षण करें।

जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम को यह भी निर्देश दिये कि जो प्रवासी मजदूर होम क्वारंटाइन हुए हैं, वे प्रायः अपने घरों से निकल कर इधर-उधर घूम रहे हैं, यदि ऐसे लोग हैं तो उनका चिन्हिकरण करते हुए उनके विरूद्ध आपदा अधिनियम के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि तीन तरह के शेल्टर होम बनाये रखना है, प्रथम शेल्टर होम में ऐसे प्रवासी मजदूरों को रखना है, जो ट्रेन व बसों के माध्यम से आ रहे हैं। दूसरा प्रत्येक तहसील में फैसिलिटी शेल्टर होम सक्रिय रखना है। उसमें ऐसे प्रवासी मजदूरों को रखना है, जिनको खाॅसी, बुखार, सर्दी के लक्षण हैं, फैसिलिट शेल्टर होम में जांच में लगे सभी कर्मचारी सुरक्षा किट से लैस रहेंगे।

तीसरे शेल्टर होम में उन प्रवासी मजदूरों को रखें, जो प्रवासी मजदूर होम क्वारंटाइन हैं, उनके पास रहने के लिए पर्याप्त जगह नही है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, मुख्य राजस्व अधिकारी हरी शंकर, अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी वि/रा गुरू प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, समस्त एसडीएम/तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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