पंचायत चुनाव: महंगाई, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी बसपा, बनाया बड़ा प्लान

-यूपी की भाजपा सरकार पर लगाया अराजकता फैलाने व आम आदमी का शोषण करने का आरोप

-2022 में मायावती को मुख्यमंत्री बनाने से पहले गांव की सरकार बनाने का लिया संकल्प

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर पंचायत चुनाव में उतरेगी। पार्टी की गुरुवार को नरौली स्थित मंडल कार्यालय में पूर्व एमएलसी डा. विजय प्रताप की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंचायत चुनाव जीतने की रणनीति बनाई गयी। इस दौरान योगी सरकार पर अराजकता फैलाने व आम आदमी का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया।

मुख्य सेक्टर प्रभारी धनश्याम खरवार ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अति महत्वपूर्ण हैं। अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी ताकत झोंक दें। भाजपा सरकार से किसान, बेरोजगार, व्यापारी सभी परेशान है। ऐसे में सबकी नजरें एक मात्र विकल्प बसपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर है।

उन्होंने कहा कि यह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव गांव की सरकार का चुनाव है। इसी चुनाव के जरिये आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव की नींव तैयार कर मायावती को मुख्यमंत्री बनाना है। जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार ने कहा कि बसपा सरकार से ही प्रदेश का भला हो सकता है। वर्तमान सरकार केवल आराजकता और झूठे वादों की सरकार है। ऐसे में त्रिस्तरीय चुनाव में अपना शत प्रतिशत योगदान दें और बसपा समर्थित प्रत्याशियों को जीत दिलाने का काम करें।

बैठक में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नवनीत कुमार मिश्र, पूर्व प्रधान अरविन्द राय, शैलेश उपाध्याय सैकड़ों समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हुए। इस दौरान हरिश्चन्द्र गौतम, अरूण पाठक, विनोद चैहान, संतोष राम, सिकन्दर कुशवाहा, रमेश प्रमुख, ओंकार शास्त्री, विजय कुमार, चेतई राम, सुनील कुमार, अनिल कुमार, डा. अमरनाथ गौतम, संतोष प्रधान, रामजीत सरोज आदि उपस्थित थे।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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